अध्याय 3 - राज्य विधानमंडल - Page 203

184 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय

(ख) यदि वह विकृतचित्त है और सक्षम न्यायालय की ऐसी

घोषणा विद्यमान है_

(ग) यदि वह अनुन्मोचित दिवालिया है_

* (घ) यदि वह किसी विदेशी राज्य के प्रति निष्ठा या अनुषक्ति

अभिस्वीकार किए हुए है अथवा किसी विदेशी राज्य की

प्रजा का नागरिक है अथवा प्रजा या नागरिकों के अधिकारों

या विशेषाधिकारों के लिए हकदार है_

(ड.) यदि वह उस राज्य के विधानमंडल द्वारा बनाई गई किसी

विधि के द्वारा या उसके अधीन इस प्रकार निहित कर

दिया जाता है।

(2) कोई व्यक्ति किसी राज्य की विधानसभा या विधान

परिषद का सदस्य होने के लिए निरर्हित होगा यदि वह

दसवीं अनुसूची के अधीन इस प्रकार निरर्हित हो जाता

हैः

(क) वह भारत का या पहली अनुसूची के भाग 1 में तत्समय

विनिर्दिष्ट किसी राज्य का मंत्री है_ या

(ख) वह पहली अनुसूची के भाग 3 में तत्समय विनिर्दिष्ट

किसी राज्य का मंत्री है, यदि वह राज्य के विधानमंडल

के प्रति अथवा जहां राज्य के विधानमंडल के दो सदन

हैं वहां ऐसे विधानमंडल के निचले सदन के प्रति

उत्तरदायी है और यदि यथास्थिति ऐसे विधानमंडल या

सदन के सदस्यों में से कम से कम तीन-चौथाई सदस्य

निर्वाचित हैं।

अनुच्छेद 165 168. यदि किसी राज्य की विधानसभा या विधान परिषद में के अधीन शपथ कोई व्यक्ति अनुच्छेद 165 की अपेक्षाओं का अनुपालन लेने या प्रतिज्ञा करने से पहले, या यह जानते हुए कि मैं उसकी सदस्यता करने से पहले के लिए अर्हित नहीं हूँ या निरर्हित कर दिया गया हूँ या या अर्हित न राज्य के विधानमंडल द्वारा बनाई गई किसी विधि के

* . समिति ने आस्ट्रेलिया कान्स्टीट्यूषन की धारा 44 (1) के उपबंधों का अनुसरण करते हुए इस उपखंड

को अंतःस्थापित किया है।