186 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय
सदस्यों के 170. राज्य की विधानसभा और विधान परिषद के सदस्य ऐसे वेतन और वेतन और भत्ते जैसे उस राज्य का विधानमंडल, समय-समय भत्ते पर विधि द्वारा अवधारित करे और जब तक इस संबंध में
इस प्रकार उपबंध नहीं किया जाता है तब तक ऐसे वेतन
और भत्ते ऐसी दरों से और ऐसी शर्तों पर जो उस राज्य
की प्रांतीय विधानसभा के सदस्यों की दशा में इस
संविधान के प्रारंभ से ठीक पहले लागू थी, प्राप्त करने
के हकदार होंगे।
विधायी प्रक्रिया
विधेयकों के 171. (1) धन विधेयकों और अन्य वित्त विधेयकों के संबंध में पुरःस्थापन और अनुच्छेद 173 और अनुच्छेद 182 के उपबंधों के अधीन पारित किए जाने रहते हुए कोई विधेयक विधान परिषद वाले राज्य के के संबंध में विधानमंडल के किसी भी सदन में आरंभ हो
सकेगा।
उपबंध (2) अनुच्छेद 172 और अनुच्छेद 173 के उपबंधों के अधीन
रहते हुए, कोई विधेयक विधान परिषद वाले राज्य के
विधानमंडल के सदनों द्वारा पारित किया गया नहीं
समझा जाएगा जब तक संशोधन के बिना या केवल ऐसे
संशोधनों सहित, जिन पर दोनों सदन सहमत हो गए हैं,
उस पर दोनों सदन सहमत नहीं हो जाते हैं।
(3) किसी राज्य के विधानमंडल में लंबित विधेयक उसके
सदन या सदनों के सत्रावसान के कारण व्यपगत नहीं
होगा।
(4) किसी राज्य की विधान परिषद में लंबित विधेयक,
जिसको विधानसभा ने पारित नहीं किया है, विधानसभा
के विघटन पर व्यपगत नहीं होगा।
(5) कोई विधेयक, जो किसी राज्य की विधानसभा में लंबित
है या जो विधानसभा द्वारा पारित कर दिया गया है और
विधान परिषद में लंबित है, विधानसभा के विघटन पर
व्यपगत हो जाएगा।
कुछ दशाओं 172. (1) यदि विधान परिषद वाले राज्य की विधानसभा द्वारा में विधान परिषद किसी विधेयक के पारित किए जाने और विधान परिषद