अध्याय 3 - राज्य विधानमंडल - Page 207

188 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय

सहमत नहीं हैं, और उन संशोधनों के बारे में जो इस खंड

के अधीन ग्राह्य हैं, पीठासीन व्यक्ति का विनिश्चय

अंतिम होगा।

* धन विधेयक 173. (1) धन विधेयक विधान परिषद में पुनःस्थापित नहीं किया के संबंध में जाएगा।

विशेष प्रक्रिया (2) धन विधेयक विधान परिषद वाले राज्य की विधानसभा

द्वारा पारित किए जाने के पश्चात् विधान परिषद को

उसकी सिफारिशों के लिए प्रेषित किया जाएगा और

विधान परिषद विधेयक की प्राप्ति की तारीख से तीस

दिन की अवधि के भीतर विधेयक को अपनी सिफारिशों

सहित विधानसभा को लौटा देगी और ऐसा होने पर

विधानसभा, विधान परिषद की सभी या किन्ही सिफारिशों

को स्वीकार या अस्वीकार कर सकेगी।

(3) यदि विधानसभा, विधान परिषद की किसी सिफारिश को

स्वीकार कर लेती है तो धन विधेयक विधान परिषद द्वारा

सिफारिश किए गए किसी संशोधन के बिना, दोनों सदनों

द्वारा उस रुप में पारित किया गया समझा जाएगा जिसमें

वह विधानसभा द्वारा पारित किया गया था।

(4) यदि विधानसभा, विधान परिषद की किसी भी सिफारिश

को स्वीकार नहीं करती है तो धन विधेयक विधान परिषद

द्वारा सिफारिश किए गए किसी संशोधन के बिना, दोनों

सदनों द्वारा उस रुप में पारित किया गया समझा जाएगा

जिसमें वह विधानसभा द्वारा पारित किया गया था।

(5) यदि विधानसभा द्वारा पारित और विधान परिषद को

उसकी सिफारिशों के लिए प्रेषित धन विधेयक उक्त

तीस दिन की अवधि के भीतर विधानसभा को नहीं

लौटाया जाता है तो उक्त अवधि के समाप्ति पर वह दोनों

सदनों द्वारा उस रुप में पारित किया गया समझा जाएगा

जिसमें वह विधानसभा द्वारा पारित किया गया था। धन विधेयकों 174. (1) इस अध्याय के प्रयोजनों के लिए, कोई विधेयक धन

* . यह अनुच्छेद तथा धन विधेयकों विषयक इस अध्याय के अन्य सभी उपबंध संविधान के वित्तीय

उपबंधों की विशेष समिति की सिफारिशों को प्रभावी रूप देने के लिए अंतःस्थापित किए गए हैं।