अध्याय 3 - राज्य विधानमंडल - Page 209

190 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय

(4) जब धन विधेयक अनुच्छेद 173 के अधीन विधान

परिषद को प्रेषित किया जाता है और जब वह अनुच्छेद

175 के अधीन अनुमति के लिए राज्यपाल के समक्ष

प्रस्तुत किया जाता है तब प्रत्येक धन विधेयक पर विधान

-सभा के अध्यक्ष के हस्ताक्षर सहित यह प्रमाण पृष्ठांकित

किया जाएगा कि वह धन विधेयक है।

विधेयक पर 175. जब कोई विधेयक राज्य की विधानसभा द्वारा या विधान अनुमति परिषद वाले राज्य में विधानमंडल के दोनों सदनों द्वारा

पारित कर दिया गया है तब वह राज्यपाल के समक्ष

प्रस्तुत किया जाएगा और राज्यपाल घोषित करेगा कि वह

विधेयक पर अनुमति देता है या अनुमति रोक लेता है

अथवा वह विधेयक को राष्ट्रपति के विचार के लिए

आरक्षित रखता हैः

परंतु जहां विधान मंडल का केवल एक सदन है और

विधेयक उस सदन द्वारा पारित किया जा चुका है वहां

राज्यपाल अपने विवेकानुसार विधेयक को एक संदेश के

साथ यह अनुरोध करते हुए लौटा सकेगा कि सदन

विधेयक पर या उसके किन्हीं विनिर्दिष्ट उपबंधों पर

विचार करेगा विशिष्टतया ऐसे किन्हीं संशोधन को

जिनकी वह अपने संदेश में सिफारिश करे, पुरःस्थापित

करने की वांछनीयता पर पुनः विचार करेगा और जब

विधेयक इस प्रकार लौटा दिया जाएगा तो वह सदन उस

पर तदनुसार पुनः विचार करेगा और यदि वह विधेयक

उस सदन द्वारा संशोधन सहित या उसके बिना पुनः पारित

कर दिया जाता है और राज्यपाल के समक्ष अनुमति के

लिए प्रस्तुत किया जाता है तो राज्यपाल पर अनुमति नहीं

रोकेगा।

विचार के 176. जब कोई विधेयक राज्यपाल द्वारा राष्ट्रपति के विचार के लिए आरक्षित लिए आरक्षित रख लिया जाता है तब राष्ट्रपति घोषित विधेयक करेगा कि वह विधेयक पर अनुमति देता है या अनुमति

रोक लेता हैः