अध्याय 3 - राज्य विधानमंडल - Page 211

192 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय

(ग) ऐसे ट्टण भार जिनका दायित्व राज्य पर है, जिनके

अंतर्गत ब्याज, निक्षेप निधिभार और मोचनभार तथा उधार

लेने और ट्टण सेवा और ट्टणमोचन से संबंधित अन्य

व्यय हैं_

(घ) किसी उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के वेतनों और भत्तों

के संबंध में व्यय_

(ड.) किसी न्यायालय या माध्यस्थम् अधिकरण के निर्णय,

डिक्री या पंचाट की तुष्टि के लिए उपेक्षित राशियां_

(च) कोई अन्य व्यय जो इस संविधान द्वारा या राज्य के

विधानमंडल द्वारा, विधि द्वारा, इस प्रकार भारित घोषित

किया जाता है।

विधानमंडल में 178. (1) प्राक्कलनों में से जितने प्राक्कलन राज्य के राजस्व पर प्राक्कलनों के भारित व्यय से संबंधित हैं वे विधानसभा में मतदान के संबंध में लिए नहीं रखे जाएंगे, किन्तु इस खंड की किसी बात का प्रक्रिया यह अर्थ नहीं लगाया जाएगा कि वह विधानमंडल में उन

प्राक्कलनों में से किसी प्राक्कलन पर खर्च को निवारित

करती है।

(2) उक्त प्राक्कलनों में से जितने प्राक्कलन अन्य व्यय से

संबंधित हैं वे विधानसभा के समक्ष अनुदानों की मांगों के

रुप में रखे जाएंगे और विधानसभा को शक्ति होगी कि

वह किसी मांग को अनुमति दे या अनुमति देने से इनकार

कर दे अथवा किसी मांग को, उसमें विनिर्दिष्ट रकम को

कम करके, अनुमति दे।

(3) किसी अनुदान की मांग राज्यपाल की सिफारिश पर ही

की जाएगी, अन्यथा नहीं।

प्राधिकृत व्यय 179. (1) राज्यपाल अपने हस्ताक्षर से एक तालिका को अधिप्रमाणित की तालिका करेगा जिसमेंः

का अधिप्रमाणन (क) पिछले अनुच्छेद के अंतर्गत विधानसभा द्वारा किए गए

अनुदान_

(ख) राज्य के राजस्व पर भारित व्यय को पूरा करने के लिए

अपेक्षित किन्तु किसी भी दशा में सदन या सदनों के