अध्याय 3 - राज्य विधानमंडल - Page 212

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समक्ष पहले रखे गए विवरण में दर्शाई गई धनराशियों से

अनधिक अनेक धनराशि विनिर्दिष्ट की गई हो।

(2) इस प्रकार अधिप्रमाणित तालिका सभा के समक्ष रखी

जाएगी किन्तु उस पर विधानमंडल में चर्चा या मतदान

नहीं हो सकेगा।

(3) अगले दो अनुच्छेदों के उपबंधों के अधीन रहते हुए राज्य

के राजस्व में से कोई भी व्यय तब तक सम्यकतः

अधिप्रमाणित नहीं समझा जाएगा जब तक कि वह इस

प्रकार अधिप्रमाणित तालिका विनिर्दिष्ट न हो।

व्यय के अनुपूरक 180. यदि किसी वित्त वर्ष की बाबत राज्य के राजस्व में से विवरण और अधिक व्यय उस वर्ष के लिए उसके पहले व्यय

के ऊपर आवश्यक हो जाता है तो राज्यपाल सदन या

सदनों के समक्ष एक अनुपूरक विवरण जिसमें उस व्यय

की प्राक्कलित रकम दर्शाई गई हो, रखा जाएगा, और

पूर्वगामी अनुच्छेदों के उपबंध उस विवरण के और उस

व्यय के संबंध में प्रभावी होंगे जिस प्रकार वे वार्षिक

वित्त विवरण और उसमें वर्णित व्यय के संबंध में प्रभावी

होते हैं।

* आधिक्य अनुदान 181. यदि किसी वित्त वर्ष में राज्य के राजस्व में से किसी सेवा

पर व्यय, जिसके लिए विधानसभा का मत आवश्यक है,

उस रकम से अधिक उपगत हो गया है जो उस सेवा के

लिए मंजूर किया गया है और उस वर्ष के लिए अधिक

राशि की मांग विधानसभा के समक्ष उपस्थित की जाएगी

तथा उस संविधान के अनुच्छेद 178 और 179 के उपबंध

ऐसी मांग के संबंध में उसी प्रकार प्रभावी होंगे जिस

प्रकार वे अनुदान की मांग के संबंध में उसी प्रकार प्रभावी

होंगे जिस प्रकार वे अनुदान की मांग के संबंध में प्रभावी

होते हैं।

* . इस अनुच्छेद को संविधान के वित्तीय उपबंधों की विषेशज्ञ समिति की सिफारिशों का अनुसरण करने

के लिए अंतःस्थापित करने के लिए अंतःस्थापित किया गया है।