अध्याय 3 - राज्य विधानमंडल - Page 213

194 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय

वित्त विधेयक 182. (1) इस संविधान के अनुच्छेद 174 के खंड (1) के उपखंड के बारे में (क) से उपखंड (च) में विनिर्दिष्ट किसी विषय के विशेष उपबंध लिए उपबंध करने वाला विधेयक या संशोधन राज्यपाल

की सिफारिश से ही पुरःस्थापित या प्रस्तावित किया

जाएगा, अन्यथा नहीं और ऐसा उपबंध करने वाला

विधेयक विधान परिषद में पुरःस्थापित नहीं किया

जाएगाः

परंतु किसी कर के घटाने या उत्पादन के लिए उपबंध

करने वाले किसी संशोधन के प्रस्ताव के लिए इस खंड

के अधीन सिफारिश की अपेक्षा नहीं होगी।

(2) कोई विधेयक या संशोधन उक्त विषयों में से किसी

विषय के लिए उपबंध करने वाला केवल इस कारण नहीं

समझा जाएगा कि वह जुर्माने या अन्य शास्तियों के

अधिरोपण का अथवा अनुज्ञप्तियों के लिए फीसों की या

की गई सेवाओं के लिए फीसों की मांग या उनके संदाय

का उपबंध करता है अथवा इस कारण नहीं समझा

जाएगा कि वह किसी स्थानीय प्राधिकारी या निकाय द्वारा

स्थानीय प्रयोजनों के लिए किसी कर के अधिरोपण,

उत्पादन, परिहार, परिवर्तन या विनियमन का उपबंध

करता है।

(3) जिस विधेयक को अधिनियमित और प्रवर्तित किए जाने

पर राज्य की संचित निधि में से व्यय करना पड़ेगा वह

विधेयक राज्य के विधानमंडल के किसी सदन द्वारा तब

तक पारित नहीं किया जाएगा जब तक ऐसे विधेयक पर

विचार करने के लिए उस सदन से राज्यपाल ने सिफारिश

नहीं की है।

साधारणतया प्रक्रिया

प्रक्रिया के नियम 183. (1) इस संविधान के उपबंधों के अधीन रहते हुए, राज्य के

विधानमंडल का कोई सदन अपनी प्रक्रिया और अपने

कार्य संचालन के विनियमन के लिए नियम बना सकेगा।

(2) जब तक खंड (1) के अधीन नियम नहीं बनाए जाते हैं

तब तक इस संविधान के प्रारंभ से ठीक पहले तत्स्थानी