अध्याय 3 - राज्य विधानमंडल - Page 215

भाग 5 के अध्याय 4 के प्रयोजनों में से किसी के लिए

उच्च न्यायालय है।

न्यायालयों द्वारा 186. (1) राज्य के विधानमंडल की किसी कार्यवाही की विधि विधानमंडल की -मान्यता की प्रक्रिया की किसी अनियमितता के आधार कार्यवाहियों की पर प्रश्नगत नहीं किया जाएगा।

जांच न किया (2) राज्य के विधानमंडल का कोई अधिकारी या सदस्य, जाना जिसमें इस संविधान द्वारा या इसके अधीन उस विधानमंडल

में प्रक्रिया या कार्य संचालन का विनियमन करने की

अथवा व्यवस्था बनाए रखने की शक्तियां निहित हैं, उन

शक्तियों के अपने द्वारा प्रयोग के विषय में किसी

न्यायालय की अधिकारिता के अधीन नहीं होगा।

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