198 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय
(ख) राज्यपाल द्वारा किसी भी समय वापस लिया जा सकेगा।
स्पष्टीकरण- जहां विधान परिषद, वाले राज्य के विधानमंडल के सदन, भिन्न-भिन्न तारीखों को पुनः समवेत होने के लिए, आहूँत किए जाते हैं वहां इस खंड के प्रयोजनों के लिए, वह सप्ताह की अवधि की गणना उन तारीखों में से पश्चात्वर्ती तारीख से की जाएगी।
(3) यदि और जहां तक इस अनुच्छेद के अधीन अध्यादेश कोई ऐसा उपबंध करता है जो राज्य के विधानमंडल के ऐसे अधिनियम में जिसे राज्यपाल ने अनुमति दे दी है, अधिनियमित किए जाने पर विधिमान्य नहीं होता तो और वहां तक वह अध्यादेश शून्य होगाः
परंतु राज्य के विधानमंडल के ऐसे अधिनियम जो समवर्ती सूची प्रमाणित किसी विषय के बारे में संसद के किसी अधिनियम या किसी विद्यमान विधि के विरुद्ध है, प्रभाव से संबंधित इस संविधान के उपबंधों के प्रयोजनों के लिए यह है कि कोई अध्यादेश, जो राष्ट्रपति के अनुदेशों के अनुसरण में इस अनुच्छेद के अधीन प्रख्यापित किया जाता है राज्य के विधानमंडल का ऐसा अधिनियम समझा जाएगा जो राष्ट्रपति के विचार के लिए आरक्षित रखा गया था और जिसे उसने अनुमति दे दी है।
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