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क्षेत्र के भीतर कहीं भी विधि के अनुसार निष्पादन किया
जा सकेगाः
परन्तु इस अनुच्छेद के खंड (1) और (2) के उपबंध
पहली अनुसूची के भाग 3 में तत्समय विनिर्दिष्ट किसी
रियासत में लोक कृत्यों और अभिलेखों को तथा सिविल
न्यायालयों की न्यायिक कार्यवाहियों को तथा उनके द्वारा
दिए गए या पारित अंतिम निर्णय या आदेश लागू नहीं
होंगे जब तक संसद को ऐसे राज्य द्वारा संघ के साथ उस
निमित्त किए गए किसी करार के निबंधनों के अनुसार
समवर्ती सूची की प्रविष्टि 2, 4 और 5 में प्रमाणित
विषयों के संबंध में विधियां बनाने की शक्ति न हो।
जल प्रदाय में हस्तक्षेप
जल प्रदाय में 239. यदि पहली अनुसूची के भाग 1 या भाग 3 में से हस्तक्षेप संबंधी तत्समय विनिर्दिष्ट किसी राज्य की सरकार को यह प्रतीत शिकायतें होता है कि किसी राज्य में प्रदाय के किसी नैसर्गिंक स्रोत
से जल में उस राज्य के या उसके वासियों में से किन्हीं
के उस स्रोत से जल के उपयोग, वितरण या नियंत्रण
संबंधी हितों पर-
(क) की गई या पारित किया गया अथवा की जाने के लिए
या पारित किए जाने के लिए प्रस्तावित कोई कार्यपालक
कार्रवाई या विधान_ या
(ख) किसी प्राधिकारी की अपनी किसी शक्ति का प्रयोग
करने में असफलता द्वारा प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है या
पड़ना संभाव्य है, तो उस राज्य की सरकार राष्ट्रपति से
शिकायत कर सकेगी।
शिकायतों का 240 . (1) यदि राष्ट्रपति यथापूर्वोक्त कोई शिकायत प्राप्त करता है विनिश्चय तो वह जब तक कि उसकी राय न हो कि अंतर्वलित
मुद्दे ऐसी कार्रवाई की अपेक्षा करने के लिए पर्याप्त
महत्व के नही हैं एक आयोग नियुक्त करेगा जिसमें ऐसे
व्यक्ति होंगे जिन्हें सिंचाई, इंजीनियरी, प्रशासन, वित्त या
विधि में विशेष ज्ञान या अनुभव प्राप्त है, जिन्हें वह ठीक