अध्याय 2 - प्रशासनिक संबंध - Page 249

230 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय

समझे, और उस आयोग से अनुरोध करेगा कि ऐसे अनुदेशों के अनुसार जो वह उसे दे, अन्वेषण करे, और उसे उन विषयों पर जिनके बारे में शिकायत है, या उनमें से ऐसे विषयों पर भी जो वह उन्हें निर्देशित करे, उसे रिपोर्ट दे।

(2) इस प्रकार नियुक्त आयोग उसे निर्देशित विषयों का अन्वेषण करेगा और राष्ट्रपति को रिपोर्ट देगा जिसमें उसके द्वारा पाए गए तथ्यों का उल्लेख किया जाएगा तथा ऐसी सिफारिशें करेगा जैसी वह उचित समझे।

(3) यदि आयोग की रिपोर्ट पर विचार करने पर राष्ट्रपति को यह प्रतीत होता है कि उसमें अंतर्विष्ट किसी बात की व्याख्या होनी चाहिए, यह कि उसे ऐसे किसी मुद्दे पर मार्गदर्शन चाहिए जो उस द्वारा प्रारंभ में आयोग को नही भेजा गया था तो, वह उस विषय को आयोग को और आगे अन्वेषण के लिए तथा आगे रिपोर्ट के लिए पुनः निर्देशित कर सकेगा।

(4) इस अनुच्छेद के अधीन नियुक्त आयोग को, उसे निर्देशित किसी विषय का अन्वेषण करने में सहायता करने के प्रयोजनों के लिए उच्चतम न्यायालय, यदि उसमें आयोग द्वारा ऐसा करने का अनुरोध किया जाता है, आयोग की कार्यवाहियों के प्रयोजनों के लिए ऐसे आदेश करेगा जैसे वह न्यायालय की अधिकारिता का प्रयोग करते हुए कर सके।

(5) आयोग की रिपोर्ट में उस सरकार या व्यक्तियों के बारे में जिनके द्वारा आयोग के व्यय तथा आयोग के समक्ष हाजिर होने में किसी राज्य के व्यक्तियों द्वारा किया गया कोई खर्च संदत्त किया जाना है तथा इस प्रकार दिए जाने वाले किन्हीं व्यय या खर्च की धनराशि के बारे में सिफारिश भी शामिल होगी, तथा इस अनुच्छेद के अधीन राष्ट्रपति द्वारा किया गया आदेश, जहां तक वह व्यय या खर्च के संबंध में है, इस प्रकार प्रवर्तित कराया जा सकेगा मानों वह उच्चतम न्यायालय द्वारा किया गया आदेश हो।