233
परंतु इस संविधान के प्रारंभ से 5 वर्ष की अवधि में इस
अनुच्छेद के खंड (ख) के उपबंध इस संविधान के
अनुच्छेद 306 के खंड (क) में वर्णित वस्तुओं में किसी
व्यापार या वाणिज्य को लागू नहीं होंगे।
* अनुच्छेद 243 245. संसद विधि द्वारा इस संविधान के अनुच्छेद 243 और और 244 के 244 के उपबंधों को कार्यान्वित करने के लिए ऐसे उपबंधों के प्राधिकारी को नियुक्त करेगा जो वह समुचित समझे और कार्यान्वयन इस प्रकार नियुक्त किए गए प्राधिकारी पर ऐसी शक्तियां के लिए और कर्तव्य प्रदत्त करेगा जो वह आवश्यक समझे। प्राधिकारी की नियुक्ति
राज्यों के बीच समन्वय
अंतर्राज्यिक 246. यदि किसी समय राष्ट्रपति को यह प्रतीत होता है कि परिषद के ऐसी परिषद् की स्थापना से लोक हित की सिद्धि होगी संबंध में उपबंध जिसे-
(क) राज्यों के बीच जो विवाद उत्पन्न हो गए हों उनकी जांच
करने और उन पर सलाह देने_
(ख) कुछ या सभी राज्यों के अथवा संघ और एक या अधिक
राज्यों के सामान्य हित से संबंधित विषयों के अन्वेषण
और उन पर विचार-विमर्श करने_ या
(ग) ऐसे किसी विषय पर सिफारिश करने और विशिष्टतया
उस विषय के संबंध में नीति और कार्रवाई के अधिक
अच्छे समन्वयन के लिए सिफारिश करने के कर्तव्य का
भार सौपा जाए तो राष्ट्रपति के लिए वह विधिपूर्ण होगा
कि वह आदेश द्वारा ऐसी परिषद् की स्थापना करे और
उस परिषद द्वारा किए जाने वाले कर्तव्यों की प्रकृति को
तथा उसके संगठन और प्रक्रिया को परिनिश्चित
करें।
* . समिति की राय है कि सीमित षक्तियों के साथ अंतरराज्यिक आयोग के लिए उपबंध करने के बजाय
अनुच्छेद 243 और 244 के उपबंधों को कार्यान्वित करने के लिए प्रयोजन के लिए विधि द्वारा प्राधिकारी
की नियुक्ति के लिए उपबंध करना अधिक समुचित होगा क्योंकि यदि ऐसा आयोग व्यापार या वाणिज्य
संबंधी विवादों के न्यायनिर्णयन की ही शक्तियों के साथ नियुक्त किया गया तो ऐसे आयोग के पास
करने के लिए पर्याप्त काम नहीं हो सकता।