अध्याय 1 - वित्त - संघ और राज्यों के बीच राजस्वों का वितरण - Page 254

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‘‘राज्य के राजस्व’’ पद के अंतर्गत वे सब राजस्व और

लोक धन हैं जो राज्य की सरकार द्वारा जुटाए गए और

प्राप्त किए गए हैं।

संघ द्वारा उद्गृहित 249. (1) ऐसे स्टंप शुल्क तथा औषधीय और प्रसाधन निर्मितयों किए जाने वाले पर ऐसे उत्पाद-शुल्क, जो संघ सूची में वर्णित है, भारत किन्तु राज्यों द्वारा सरकार द्वारा उद्गृहित किए जाएंगे, किंतु- संग्रहित और (क) उस दशा में, जिसमें ऐसे शुल्क पहली अनुसूची के विनियोजित किए भाग 2 में तत्समय विनिर्दिष्ट राज्य के भीतर उद्ग्रहणीय जाने वाले शुल्क हैं, भारत सरकार द्वारा, और

(ख) अन्य दशाओं में जिन-जिन राज्यों के भीतर ऐसे शुल्क

उद्ग्रहणीय है, उन-उन राज्यों द्वारा संगृहित किए

जाएंगे।

(2) किसी राज्य के भीतर उद्ग्रहणीय किसी ऐसे शुल्क के

किसी वित्तीय वर्ष में आगम, भारत के राजस्व के भाग

नहीं होंगे, किंतु उस राज्य को सौंप दिए जाएंगे।

संघ द्वारा उद्गृहित 250. (1) निम्नलिखित शुल्क और कर भारत सरकार द्वारा उद्गृहित और संगृहित किए और संगृहित किए जाएंगे, किंतु खंड (2) में उपबंधित जाने वाले किंतु रीति से राज्यों को सौप दिए जाएंगे, अर्थात्ः- राज्यों को सौंपे (क) कृषि भूमि से भिन्न संपत्ति के उत्तराधिकार के संबंध में जाने वाले कर शुल्क_

(ख) कृषि भूमि से भिन्न सम्पत्ति के संबंध में संपदा

शुल्क_

(ग) रेल या वायु मार्ग द्वारा ले जाने वाले माल या यात्रियों पर

सीमा कर_

(घ) रेल भाड़ों और माल भाड़ों पर कर।

(2) किसी वित्तीय वर्ष में किसी ऐसे शुल्क या कर के शुद्ध

या कर के शुद्ध आगम वहां तक के सिवाय, जहां तक

वे आगम पहली अनुसूची के भाग-2 में तत्समय विनिर्दिष्ट

राज्यों से प्राप्त हुए आगम माने जा सकते हैं, के राजस्व

के भाग नहीं होंगे, किंतु राज्यों को सौप दिए जाएंगे

जिनके भीतर वह शुल्क या कर उस वर्ष में उद्गृहणीय