अध्याय 1 - वित्त - संघ और राज्यों के बीच राजस्वों का वितरण - Page 255

236 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय

हैं और वितरण के ऐसे सिद्धांतों के अनुसार, जो संसद

विधि द्वारा बनाए, उन राज्यों के बीच वितरित किए

जाएंगे।

संघ द्वारा उद्गृहित 251. (1) कृषि आय से भिन्न आय पर कर भारत सरकार द्वारा और संगृहित तथा उद्गृहित और संगृहित किए जाएंगे तथा खंड (2) में संघ और राज्यों के उपबंधित रीति से संघ और राज्यों के बीच वितरित किए बीच वितरित कर जाएंगे।

(2) किसी वित्तीय वर्ष में किसी ऐसे कर के शुद्ध आगमों का

ऐसा प्रतिशत, जो विहित किया जाए, वहां तक के

सिवाय जहां तक वे आगामी पहली अनुसूची के भाग-2

में तत्समय विनिर्दिष्ट राज्यों से या संघ की उपलब्धियों के

संबंध में संदेय करों से प्राप्त हुए आगम माने जा सकते

हैं, भारत के राजस्व का भाग नहीं होगा किंतु उन राज्यों

को सौंप दिया जाएगा जिनके भीतर वह कर उस वर्ष में

उद्गृहणीय है और ऐसी रीति से और ऐसे समय से, जो

विहित किया जाए, उन राज्यों के बीच वितरित किया

जाएगा।

(3) खंड (2) के प्रयोजनों के लिए, प्रत्येक वित्तीय वर्ष में

आय पर करों के उतने शुरु आगमों का, जितने संघ की

उपलब्धियों के संबंध में संदेय करों के शुद्ध आगम नहीं

हैं, वह प्रतिशत, जो विहित किया जाए, ऐसा आगम

समझा जाएगा जो, जैसी ऊपर है, से प्राप्त हुआ माना जा

सकता है।

(4) इस अनुच्छेद में-

(क) ‘‘आय पर कर’’ के अंतर्गत इस संविधान के अनुच्छेद

266 के परंतुक के खंड (क) में यथा निर्दिष्ट आय पर

किस कर के बदले भारत सरकार द्वारा उद्गृहीत कोई

धनराशि है किन्तु इसके अंतर्गत निगम कर नहीं है_

(ख) ‘‘विहित’’ से अभिप्रेत है-

(i) जब तक वित्त आयोग का गठन नहीं किया जाता है तब

तक राष्ट्रपति के आदेश द्वारा विहित_ और