अध्याय 1 - वित्त - संघ और राज्यों के बीच राजस्वों का वितरण - Page 263

244 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय

उसे बनाए रखने या चलाने में उपभोग के लिए किसी

ऐसी रेल कंपनी को विक्रय किया जाता है, कोई कर

अधिरोपित नहीं करेगी या कर का अधिरोपण प्राधिकृत

नही करेगी और विद्युत के विक्रय पर कोई कर अधिरोपित

करने या कर का अधिरोपण प्राधिकृत करने वाली कोई

ऐसी विधि यह सुनिश्चित करेगी कि भारत सरकार द्वारा

उपभोग किए जाने के लिए उस सरकार को या किसी

रेल के निर्माण, बनाए रखने या चलाने में उपभोग के लिए

यथापूर्वोक्त किसी रेल कंपनी को विक्रय की गई विद्युत

की कीमत, उस कीमत से जो विद्युत का प्रचुर मात्रा में

उपभोग करने वाले अन्य उपभोक्ताओं से ली जाती है,

उतनी कम होगी जितनी कम की रकम है।

संघीय करों के 266. इसमें इसके पश्चात् यथा उपबंधित के अधीन रहते हुए, संबंध में राज्य किसी राज्य की सरकार भारत के राज्यक्षेत्र के भीतर स्थित की सरकारों भूमियों या भवनों अथवा ऐसे राज्यक्षेत्र के भीतर प्रोद्भूत को छूट होने, उत्पन्न होने वाली या प्राप्त आय के संबंध में संघ

के करों की दायी नहीं होगी-

परंतु-

(क) जहां किसी प्रकार का व्यापार या कारोबार किसी राज्य

की सरकार द्वारा या की ओर से किया जाता है वहां इस

अनुच्छेद में की गई कोई बात उस व्यापार या कारोबार या

उससे संबंधित किन्हीं क्रियाओं या इसके संबंध में होने

वाली आय, या उसके प्रयोजन के लिए प्रयुक्त किसी

संपत्ति के संबंध में किसी भी संघीय कर से या ऐसे कर

के बदले किसी धनराशि के उद्ग्रहण से उस सरकार को

छूट प्रदान नहीं करेगी_

(ख) इस अनुच्छेद में की कोई बात ऐसी भूमियों, भवनों या

आय की बाबत जो इसकी निजी सम्पत्ति हो या निजी

आय हो, पहली अनुसूची के भाग 3 में तत्समय

विनिर्दिष्ट किसी रियासत के शासक को किसी संघीय

कर से छूट प्रदान नहीं करेगी।

स्पष्टीकरण- इस अनुच्छेद के प्रयोजनों के लिए किसी