254 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय
(5) संसद द्वारा बनाई गई कोई विधि जिसे बनाने के लिए
संसद सक्षम न हुई होती यदि इस अनुच्छेद के अधीन
उद्घोषणा जारी न की जाती, अक्षमता की मात्रा तक,
उद्घोषणा के प्रवर्तन में न रहने के बाद एक वर्ष की
अवधि बीतने के पश्चात् प्रभावी नहीं रहेगी, सिवाय उन
चीजों के जो उक्त अवधि बीतने से पूर्व की गई हों या
जिनके करने का लोप किया गया हो, जब तक कि वे
उपबंध जो इस प्रकार प्रभावी नहीं रहेंगे, राज्य के विधान
-मंडल के अधिनियम द्वारा उपान्तरों के साथ या उनके
बिना उससे शीघ्र निरसित या पुर्नअधिनियमित नहीं कर
दिये जाते हैं।
आपात के दौरान 279. जब आपात उद्घोषणा प्रवर्तन में हो तो इस संविधान के अनुच्छेद 13 के अनुच्छेद 13 की कोई बात कोई विधि बनाने या कोई उपबंधों का कार्यपालक कारवाई करने के लिए, इस भाग में यथा निलम्बन परिभाषित राज्य की शक्ति को निर्बंन्धित नहीं करेगी
जिसे बनाने या करने के लिए राज्य अन्यथा सक्षम होगा।
* आपात के दौरान 280. जहां आपात उद्घोषणा प्रवर्तन में हो वहां राष्ट्रपति आदेश अनुच्छेद 25 द्वारा द्वारा घोषणा कर सकेगा कि इस संविधान के अनुच्छेद 25 प्रत्याभूत अधिकारों द्वारा प्रत्याभूत अधिकार उद्घोषणा के प्रवर्तन में न रहने का निलम्बन के बाद ऐसी अवधि के लिए जिसका विस्तार छह मास
की अवधि से परे न हो, जैसा कि ऐसे आदेश में
विनिर्दिष्ट किया जाए।
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* समिति की राय है कि अनुच्छेद 13 वाले मूल अधिकारों के निलम्बन के लिए अथवा अनुच्छेद 25 के
अधीन ऐसे अधिकारों के प्रवर्तन को निलम्बन के लिए वहां कोई उपबंध नहीं किया जाना चाहिए जहां
पहली अनुसूची के भाग 3 में तत्समय विनिर्दिष्ट किसी रियासत की सरकार द्वारा आपात की घोषणा
की जाए क्योंकि इससे अनावश्यक जटिलताएं पैदा हो जाएंगी।