भाग 14 - अल्पसंख्यकों के संबंध्ति विशेष उपबंध - Page 284

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राज्य की विधानसभा में किसी समुदाय के लिए आरक्षित

स्थानों की संख्या का उस सभा में स्थानों की कुल संख्या

से वही अनुपात होगा जो उस राज्य के समुदाय की

जनसंख्या का अनुपात उस राज्य की कुल जनसंख्या से है।

स्पष्टीकरणः किसी राज्य में सभी अनुसूचित जातियां

इस खंड के प्रयोजनों के लिए एह ही समुदाय समझी

जाएंगी और इसी प्रकार राज्य में अनुसूचित जनजातियां

भी एक ही समुदाय समझी जाएंगी।

(4) असम राज्य की विधानसभा में किसी स्वशासी जिले के

लिए आरक्षित स्थानों की संख्या का अनुपात उस विधानसभा

में स्थानों की कुल संख्या के उस अनुपात से कम नहीं

होगा जो उस जिले की जनसंख्या का अनुपात उस राज्य

की कुल जनसंख्या से है।

(5) असम के किसी स्वशासी जिले के लिए आरक्षित स्थानों

के निर्वाचन-क्षेत्रों में उस जिले से बाहर का कोई क्षेत्र

समाविष्ट नहीं होगा।

(6) कोई व्यक्ति जो असम राज्य के किसी स्वशासी जिले की

अनुसूचित जनजाति का सदस्य नहीं है उस राज्य की

विधानसभा के लिए उस जिले के किसी निर्वाचन-क्षेत्र से

(शिलांग छावनी और नगरपालिका में समाविष्ट निर्वाचन

क्षेत्र को छोड़कर) निर्वाचित होने का पात्र नहीं

होगा।

राज्यों की 295. इस संविधान के अनुच्छेद 149 में अंतर्विष्ट किसी बात विधानसभाओं के होते हुए भी यदि किसी राज्य के राज्यपाल की राय में आंग्ल-भारतीय है कि राज्य की विधानसभा में आंग्ल भारतीय समुदाय का समुदाय के प्रतिनिधित्व पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं है तो वह विधानसभा में उस से संबंधित समुदाय के उतने सदस्य नामनिर्देशित कर सकेगा जितने विशेष उपबंध वह समुचित समझें।

सेवाओं और 296. अगले अनुच्छेद के उपबंधों के अधीन रहते हुए संघ या पदों पर पहली अनुसूची के भाग 1 में तत्समय विनिर्दिष्ट किसी अल्पसंख्यक राज्य के कार्यकलाप से संबंधित सेवाओं और पदों के समुदायों के दावे लिए नियुक्तियां करने में सभी अल्पसंख्यक समुदायों के