भाग 14 - अल्पसंख्यकों के संबंध्ति विशेष उपबंध - Page 287

268 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय

जनजातियों के आयोग की नियुक्ति, आदेश द्वारा किसी भी समय कर प्रशासन पर सकेगा और इस संविधान के प्रारंभ से दस वर्ष की संघ का नियंत्रण समाप्ति पर करेगा।

आदेश में आयोग की संरचना, शक्तियां और प्रक्रिया

परिनिश्चित की जा सकेगी और उसमें ऐसे अनुषंगिक या

सहायक उपबंध समाविष्ट हो सकेंगे जिन्हें राष्ट्रपति

आवश्यक या वांछनीय समझे।

(2) संघ की कार्यपालिका शक्ति का विस्तार (किसी राज्य)

को ऐसे निदेश देने तक होगा जो उस राज्य को अनुसूचित

जनजातियों के कल्याण के लिए निदेश में आवश्यकता

बताई गई स्कीमों के बनाने और निष्पादन के बारे में है।

पिछड़े वर्गों 301. (1) राष्ट्रपति भारत के राज्य-क्षेत्र के भीतर सामाजिक और की दशाओं शैक्षिक दृष्टि से पिछड़े वर्गों की दशाओं के और जिन का अन्वेषण कठिनाईयों को वे झेल रहे हैं उनके अन्वेषण के लिए करने के लिए और उन कठिनाइयों को दूर करने और उनकी दशा को आयोग की सुधारने के लिए संघ या किसी राज्य द्वारा जो उपाय किए नियुक्ति जाने चाहिए उनके बारे में और उस प्रयोजन के लिए संघ

या किसी राज्य द्वारा जो अनुदान किए जाने चाहिए, और

जिन शर्तों के अधीन के अनुदान किए जाने चाहिए उनके

बारे में सिफारिश करने के लिए, आदेश द्वारा, एक

आयोग नियुक्त कर सकेगा जो ऐसे व्यक्तियों से मिलकर

बनेगा जो वह ठीक समझे और ऐसे आयोग को नियुक्त

करने वाले आदेश में आयोग द्वारा अनुसरण की जाने

वाली प्रक्रिया परिनिश्चित की जाएगी।

(2) इस प्रकार नियुक्त आयोग अपने को निर्देशित विषयों का

अन्वेषण करेगा और राष्ट्रपति को प्रतिवेदन देगा, जिसमें

उसके द्वारा पाए गए तथ्य उपवर्णित किए जाएंगे और

जिसमें ऐसी सिफारिशें की जाएंगी जिन्हें आयोग उचित

समझे।

(3) राष्ट्रपति, इस प्रकार दिए गए प्रतिवेदन की एक प्रति,

उस पर की गई कार्रवाई को स्पष्ट करने वाले ज्ञापन

सहित, संसद के समक्ष रखवाएगा।

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