भाग 15 - प्रकीर्ण - Page 290

271

जिसके संबंध में निम्नलिखित शर्ते पूरी होती है,

अर्थात्ः

(i) वह कृषि-आय के संबध में प्रभार्य नहीं है_ (ii) कंपनियों द्वारा संदत्त कर के संबंध में कंपनियों द्वारा व्यक्तियों को संदेय लाभांशों में से किसी कटौती का किया जाना उस कर को लागू अधिनियमितियों द्वारा प्राधिकृंत नहीं हैं_

(iii) ऐसे लाभांश प्राप्त करने वाले व्यक्तियों की कुल आय की भारतीय आय-कर के प्रयोजनों के लिए गणना करने में अथवा ऐसे व्यक्तियों द्वारा संदेश या उनको प्रतिदेश भारतीय आय-कर की गणना करने में इस प्रकार संदत्त कर को हिसाब में लेने के लिए कोई उपबंध विद्यमान नहीं है_

(छ) शंका की दशा में, ‘‘तत्स्थानी प्रांत’’ या ‘‘तत्स्थानी राज्य’’ से ऐसा प्रांत, या राज्य अभिप्रेत है जिसे राष्ट्रपति प्रश्नगत किसी विशिष्ट प्रयोजन के लिए, यथास्थिति, तत्स्थानी प्रांत, तत्स्थानी देश राज्य या तत्स्थानी राज्य अवधारित करे_

(ज) ‘ट्टण’ के अंतर्गत वार्षिकियों के रुप में मूलधन के प्रति संदाय की किसी बाध्यता के संबंध में कोई दायित्व और किसी प्रत्याभूति के अधीन कोई दायित्व है और ‘ट्टणभार’ का तदनुसार अर्थ लगाया जाएगा_ (झ) ‘विद्यमान विधि’ से ऐसी विधि, अध्यादेश, आदेश, उपविधि, नियम या विनियम अभिप्रेत है जो इस संविधान के प्रारंभ से पहले ऐसी विधि, अध्यादेश, आदेश, उपविधि, नियम या विनियम बनाने की शक्ति रखने वाले किसी विधानमंडल, प्राधिकारी या व्यक्ति द्वारा पारित किया गया है या बनाया गया है_ किन्तु इसके अंतर्गत यूनाइटेड किंगडम की संसद का कोई अधिनियम या ऐसे किसी अधिनियम के अधीन आदेश शामिल नहीं है।

(×ा) ‘‘फेडरल न्यायालय’’ से भारत शासन अधिनियम, 1935 के अधीन गठित फेडरल न्यायालय अभिप्रेत है।