भाग 15 - प्रकीर्ण - Page 291

272 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय

(ट) ‘‘माल’’ के अंतर्गत सभी सामग्री प्रण्य और वस्तुएं

हैं_

(ठ) ‘‘प्रत्याभूति’ के अंतर्गत ऐसी बाध्यता है जिसका, किसी उपक्रम के लाभों के किसी विनिर्दिष्ट रकम से कम होने की दशा में, संदाय करने का वचनबंध इस संविधान के प्रारंभ से पहले किया गया है_

(ड) ‘पेंशन’ से किसी को या उसके संबंध में संदेय किसी प्रकार की पेंशन अभिप्रेत है चाहे वह अभिदायी है या नहीं है और इसके अंतर्गत इस प्रकार संदेय सेवानिवृत्ति वेतन, इस प्रकार संदेय उपदान और किसी भविष्य निधि के अभिदानों की, उन पर ब्याज या उनमें अन्य परिवर्धन सहित या उसके बिना, वापसी के रुप में इस प्रकार संदेय कोई राशि या राशियां हैं_

(ढ) ‘‘लोक अधिसूचना’’ से, यथास्थिति, भारत के राजपत्र में या किसी राज्य के राजपत्र में अधिसूचना अभिप्रेत

है_

(ण) ‘‘प्रतिभूतियों’’ में स्टाक शामिल हैं_

(त) ‘‘कराधान’’ के अंतर्गत किसी कर या लाग का अधिरोपण है चाहे वह साधारण या स्थानय या विशेष है और ‘‘कर’’ का तदनुसार अर्थ लगाया जाएगा_

(थ) ‘‘आय पर कर’’ के अंतर्गत अतिलाभ-कर की प्रकृति का कर शामिल है_

(द) ‘रेल’ के अंतर्गत ट्रामवे शामिल है जो नगरपालिका क्षेत्र में पूर्णतः नहीं है।

(ध) ‘‘संघीय रेलवे’’ के अंतर्गत किसी देसी रियासत रेलवे नहीं है किंतु यथापूर्वोक्त के सिवाय, इसके अंतर्गत कोई भी रेलवे है जो लघु रेलवे नहीं है।

(न) ‘‘देसी रियासत रेलवे’’ से ऐसा रेलवे अभिप्रेत है जो पहली अनुसूची के भाग 3 में तत्समय विनिर्दिष्ट किसी रियासत के स्वामित्व में है और या तो ऐसी रियासत द्वारा चलाया जाता है, या भारत सरकार या संघीय रेलवे चलाने वाली किसी कंपनी द्वारा या उसकी ओर से उस रियासत के साथ की गई संविदा के अनुसार या ऐसी रियासत की