288 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय
है या उसके रुप में कार्य कर रहा है या कोई व्यक्ति राज्यपाल के कृत्यों का
निर्वहन कर रहा है तब वह इस अनुसूची के पैरा 1 और 2 के अधीन वैसी ही
उपलब्धियों और भत्तों के लिए हकदार होगा जिनका यथास्थिति राष्ट्रपति या
राज्यपाल हकदार है, जिनके कृत्यों का निर्वहन वह करता है या जिनके लिए
वह कृत्य करता है, और जिस अवधि में इस प्रकार कृत्यों का निर्वहन करता
है या कार्य करता है उसमें इस अनुसूची के पैरा 4 के उपबंध उसे लागू होंगे
किन्तु इसके पैरा 3 के उपबंध उस पर लागू नहीं होंगे।
भाग 2
संघ के और पहली अनुसूची के भाग 1 के राज्यों के मंत्रियों के
बारे में उपबंध
- प्रधानमंत्री और संघ के अन्य मंत्रियों को ऐसे वेतन और भत्तों का संदाय किया
जाएगा जो इस संविधान के प्रारंभ से ठीक पहले डोमिनियन के प्रधानमंत्री को
तथा अन्य मंत्रियों में से प्रत्येक को संदेय थे।
- पहली अनुसूची के भाग 1(अ) में तत्समय विनिर्दिष्ट किसी राज्य के मंत्री को
ऐसे वेतन और भत्तों को संदाय किया जाएगा जो इस संविधान के प्रारंभ से
ठीक पहले तत्स्थानी प्रांत के ऐसे मंत्री को संदेय थे।
भाग 3
लोकसभा के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के तथा राज्यसभा के सभापति और उपसभापति के तथा पहली अनुसूची के भाग (1) के राज्यों की विधानसभाओं के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के तथा ऐसे राज्यों की विधान परिषद के सभापति
और उपसभापति के बारे में उपबंध
- लोकसभा के अध्यक्ष और राज्यसभा के सभापति को ऐसे वेतन और भत्तों का संदाय किया जाएगा जो इस संविधान के प्रारंभ से ठीक पहले भारत डोमिनियन की संविधान सभा के अध्यक्ष को संदेय थे तथा लोकसभा के उपाध्यक्ष और राज्यसभा के उपसभापति को ऐसे वेतन और भत्तों का संदाय किया जाएगा जो 15 अगस्त, 1947 से ठीक पहले विधानसभा के उपाध्यक्ष (डिप्टी प्रेसिडेन्ट) और राज्यपरिषद के उपाध्यक्ष (डिप्टी प्रोजिडेन्ट) को क्रमशः संदेय थे।