दूसरी अनुसूची अंडमान और निकोबार द्वीप समूह - Page 308

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  1. पहली अनुसूची के भाग 1 में तत्समय विनिर्दिष्ट राज्य की विधान की विधानसभा के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को तथा राज्य की विधान परिषद के सभापति और उपासभापति को ऐसे वेतन और भत्तों का संदाय किया जाएगा जो इस संविधान के प्रारंभ से ठीक पहले क्रमशः तत्स्थानी प्रांत को विधानसभा और उपसभापति को ऐसे वेतन और भत्तों का संदाय किया जाएगा जो उस राज्य का राज्यपाल अवधारित करे।

भाग 4

उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों के बारे में

उपबंध

  1. उच्चतम न्यायालय के और पहली अनुसूची के भाग 3 में तत्समय विनिर्दिष्ट

रियासतों को छोड़कर भारत के राज्यक्षेत्र के भीतर प्रत्येक उच्च न्यायालय के

न्यायाधीशों को वास्तविक सेवा में बिताए समय के लिए प्रतिमास निम्नलिखित

दर से वेतन का संदाय किया जाएगा, अर्थात्-

उच्चतम न्यायायलय का मुख्य न्यायमूर्ति 5,000 रु.

उच्चतम न्यायालय का कोई मुख्य न्यायाधीश 4,500 रु.

उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायमूर्ति 4,000 रु.

उच्च न्यायालय का कोई अन्य मुख्य न्यायाधीश 3,500 रु.

  1. उच्चतम न्यायालय का मुख्य न्यायमूर्ति या कोई अन्य न्यायाधीश या पहली

अनुसूची के भाग 3 में तत्समय विनिर्दिष्ट रियासतों के सिवाय भारत के राज्यक्षेत्र

के भीतर किसी उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायमूर्ति या कोई अन्य न्यायाधीश

भारत के राज्यक्षेत्र के भीतर ड्यूटी पर यात्रा करने में उपगत व्यय की प्रतिपूर्ति

करने के लिए ऐसे युक्तियुक्त भत्ते प्राप्त करेगा और उस यात्रा के संबंध में ऐसी

युक्तियुक्त सुविधाएं दी जाएंगी जो उच्चतम न्यायालय के सुविधा जो उच्चतम

न्यायालय के मुख्य न्यायमूर्ति या किसी अन्य न्यायाधीश की दशा में, राष्ट्रपति

अथवा ऐसे उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायमूर्ति या कोई अन्य न्यायाधीश की

दशा में, राज्य का राज्यपाल समय-समय पर विहित करे।

  1. (1) उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायमूर्ति या किसी अन्य न्यायाधीश की

अनुपस्थिति छुट्टियों या पेंशन संबंधी अधिकार उन उपबंधों द्वारा यथास्थिति

शासित होंगे या होते रहेंगे जो फेडरल कोर्ट के ऐसे किसी न्यायाधीशों

को लागू थे।