पांचवीं अनुसूची [अनुच्छेद 189 (क) और 190(1)] अनुसूचित क्षेत्रों और अनुसूचित जनजातियों के प्रशासन और नियंत्राण के बारे में उपबंध - Page 317

298 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय

भाग 4

पूर्वी पंजाब राज्य के बारे में उपबंध

  1. भाग 4 का लागू होनाः इस भाग के उपबंध केवल पूर्वी पंजाब राज्य का लागू होंगे।

  2. अनुसूचित क्षेत्र सलाहकार समिति की नियुक्तिः

(1) इस संविधान के प्रारंभ के पश्चातृ यथाशीघ्र राज्यपाल आदेश, राज्य के

लिए एक असूचित क्षेत्र सलाहकार समिति नियुक्त करेगा जिसके दो-तिहाई

सदस्य राज्य में अनुसूचित क्षेत्र के निवासी होंगे। ऐसे आदेश में समिति की

रचना, शक्तियां और प्रक्रिया परिनिश्चित की जा सकती है और उसमें ऐसे

आनुषंगिक और समनुषंगिक उपबंध अंतर्विष्ट हो सकते हैं जो राष्ट्रपति

द्वारा आवश्यक और वांछनीय समझे जाएं।

(2) अनुसूचित क्षेत्र सलाहकार समिति का साधारणतया कर्तव्य राज्य में अनुसूचित

क्षेत्रों के प्रशासन से संबंधित सभी विषयों पर राज्य की सरकार को सलाह

देना होगा।

  1. संसद के अधिनियमों तथा राज्य के विधानमंडल के अधिनियमों का

अनुसूचित क्षेत्रों को लागू होना ः राज्यपाल, लोक अधिसूचना द्वारा, निर्देश

दे सकेगा कि संसद का तथा राज्य के विधानमंडल का कोई विशिष्ट अधि

नियम राज्य में किसी अनुसूचित क्षेत्र या उसके किसी भाग को लागू नहीं होगा

अथवा ऐसे अपवादों और उपान्तरों के अधीन रहते हुए, जैसे वह अधिसूचना में

विनिर्दिष्ट करे, राज्य में अनुसूचित क्षेत्र या उसके किसी भाग पर लागू होगा। 17. विनियम बनाने की राज्यपाल की शक्तिः

(1) राज्यपाल, उन अपराधों से भिन्न जो मृत्यु, आजीवन निवार्सन या पांच

वर्ष या उससे अधिक की अवधि के कारावास से दंडनीय हैं, अपराधों

से संबंधित मामलों के विनियम की बाबत, या कम घनीय मूल्य के वादों

या मामलों के ऐसे वर्गों के, जो ऐसे विनियमों में विनिर्दिष्ट किए जाएं,

विचारण के लिए, राज्य में किसी भी अनुसूचित क्षेत्र के लिए विनियम

बना सकेगा, तथा ऐसे विनियमों द्वारा, ऐसे क्षेत्र में मुखिया पंचायतों को

ऐसे मामलों या वादों का विचारण करने के लिए सशक्त कर सकेगा।

(2) राज्यपाल विनियम भी बना सकेगा जिससे कि अनुसूचित जनजाति के किसी

सदस्य द्वारा राज्य में किसी अनुसूचित क्षेत्र में कोई भूमि किसी व्यक्ति को,