306 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय
न्यायालयों को अथवा राज्यपाल द्वारा इस निमित किसी अधिकारी को यथास्थिति,
सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 या दंड प्रक्रिया संहिता, 1898 के अधीन ऐसी
शक्तियां प्रदान कर सकेगा जो वह समुचित समझे और तब उक्त परिषद अथवा
न्यायालय या अधिकारी इस प्रकार प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, वादों,
मामलों या अपराधों पर विचार करेगा।
(2) राज्यपाल इस पैरा के उपपैरा (11) के अधीन किसी जिला परिषद, प्रादेशिक
परिषद, न्यायालय या अधिकारी को प्रदत्त शक्तियों में से किसी शक्ति को
वापस ले सकेगा या उपांतरित कर सकेगा।
(3) इस पैरा में अभिव्यक्त रुप से जैसा उपबंधित है उसके सिवाय, सिविल
प्रक्रिया संहिता 1908 और दंड प्रक्रिया संहिता, 1898 किसी स्वशासी जिले में
या किसी स्वशासी प्रदेश में किन्हीं वादों, मामलों या अपराधों के निवारण में
लागू नहीं होगी।
प्राथमिक विद्यालय आदि स्थापित करने की जिला परिषद की शक्ति- स्वशासी जिले की जिला परिषद में प्राथमिक विद्यालयों, औषधालयों, बाजारों, काजी हाउसों, पारघाटों, मीन-क्षेत्रों, सड़कों और जलमार्गों की स्थापना, निर्माण या प्रबंध कर सकेगी और विशिष्ट रुप से उस भाषा और रीति को विहित कर सकेगी जिसमें जिले के प्राथमिक विद्यालयों में प्राथमिक शिक्षा दी जाएगी।
जिला और प्रादेशिक निधियां-
(1) प्रत्येक स्वशासी जिले के लिए एक जिला निधि और प्रत्येक स्वशासी प्रदेश
के लिए एक प्रादेशिक निधि गठित की जाएगी जिसमें उस जिले की जिला
परिषद द्वारा और उस प्रदेश की प्रादेशिक परिषद द्वारा इस संविधान के उपबंध्ज्ञों
के अनुसार यथास्थिति उस जिले या प्रदेश के प्रशासन के दौरान प्राप्त सभी ध
नराशियां जमा की जाएंगी।
(2) राज्यपाल के अनुमोदन के अधीन रहते हुए जिला परिषद और प्रादेशिक परिषद
यथास्थिति जिला निधि के प्रबंध के लिए नियम बना सकेगी, तथा इस प्रकार
बनाये गए नियमों में उक्त निधि में धन जमा करने, उसमें धनराशियां निकालने,
उसके धन की अभिरक्षा और पूर्वोक्त विषयों से संबंधित या आनुषंगिक किसी
अन्य विषय के संबंध में अनुसरण की जाने वाली प्रक्रिया का उपबंध किया
जा सकेगा।