छठी अनुसूची [अनुच्छेद 189 (ख) और 190 (2)] - Page 326

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  1. भू-राजस्व का निर्धारण और संग्रहण करने तथा कर का अधिग्रहण करने की शक्ति -

(1) स्वशासी प्रदेश के भीतर की सभी भूमियों के संबंध में ऐसे प्रादेशिक परिषद

को तथा जिले के भीतर की सभी भूमियों के संबंध में जो उसे जिले के भीतर

प्रादेशिक परिषदों, यदि कोई है, के प्राधिकार वाले क्षेत्रों में हैं, ऐसी भूमियों

के संबंध में उन सिद्धांतों के अनुसार राजस्व का निर्धारण और संग्रहण करने

की शक्ति होगी जिनका साधारणतया असम राज्य में भू-राजस्व के प्रयोजन के

लिए भूमि के निर्धारण करने में असम सरकार द्वारा तत्समय अनुसरण किया

जाता है।

(2) स्वशासी प्रदेश के भीतर के क्षेत्रों के संबंध में ऐसे प्रदेश की प्रादेशिक परिषद

को और उस जिले की प्रादेशिक परिषद, यदि कोई है, के प्राधिकार के अधीन

वाले क्षेत्रों को छोड़कर स्वशासी जिले के भीतर के सभी क्षेत्रों के संबंध में

ऐसे जिले की जिला परिषद को भूमि और भवन पर करों का तथा ऐसे क्षेत्रों

में निवासी व्यक्तियों पर पथकर का पद्ग्रहण और संग्रहण करने की शक्ति

होगी।

(3) स्वशासी जिले की जिला परिषद को ऐसे जिले के भीतर निम्नलिखित सभी या

किन्हीं करों का उदग्रहण ओर संग्रहण करने की शक्ति होगी, अर्थात्-

(क) वृत्ति, व्यापार, आजीविका और नियोजन पर कर_

(ख) जीव-जन्तुओं, यानों और नौकाओं पर कर_

(ग) किसी बाजार में विक्रय के लिए माल के प्रवेश पर कर और फेरी से ले

जाए जाने वाले यात्रियों और माल पर पथ कर_ और

(घ) विद्यालयों, औषद्यालयों या सड़कों को बनाये रखने के लिए। (4) इस पैरा के उपपैरा (2) और उपपैरा (3) में विनिर्दिष्ट करों में से कर

उद्ग्रहण और संग्रहण का उपबंध करने के लिए, यथास्थिति, प्रादेशिक परिषद

या जिला परिषद विनियम बना सकेगी।

  1. खनिजों के पूर्वेक्षण या निष्कर्षण के प्रयोजन के लिए अनुज्ञप्तियां या पट्टे-

(1) किसी स्वशासी जिले में समाविष्ट किसी क्षेत्र में खनिजों के पूर्वेक्षण या

निष्कर्षण के प्रयोजन के लिए असम सरकार कोई अनुज्ञप्ति या पट्टा उस जिले

की जिला परिषद के परामर्श से ही दिया जाएगा अन्यथा नहीं_