308 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय
(2) किसी स्वशासी जिले में समाविष्ट किसी क्षेत्र के संबंध मं खनिजों के पूर्वेक्षण
या निष्कर्षण के प्रयोजन के लिए असम सरकार द्वारा दी गई अनुज्ञप्तियों या
पट्टों से प्रत्येक वर्ष प्रौद्भूत होने वाले स्वामित्व का उतना ऐसा अंश जिला
परिषद् को दिया जाएगा जो असम सरकार और ऐसे जिले की जिला परिषद
के बीच करार पाया जाए।
(3) यदि जिले परिषद् को दिए जाने वाले स्वामित्व के अंश के बारे में कोई विवाद
उत्पन्न होता है तो वह राज्यपाल को अवधारण के लिए निर्देशित किया जाएगा
और राज्यपाल द्वारा अपने विवेक के अनुसार आधारित रकम इस पैरा के उपपैरा
(1) के अधीन जिला परिषद् को संदेय रकम समझी जाएगी और राज्यपाल
का विनिश्चय अंतिम होगा।
- जनजातियों से भिन्न व्यक्तियों की साहूकारी और व्यापार के नियंत्रण के लिए विनियम बनाने की जिला परिषद् की शक्ति-
(1) स्वशासी जिले की जिला परिषद उस जिले में निवासी अनुसूचित जनजातियों
से भिन्न व्यक्तियों की उस जिले की भीतर साहूँकारी या व्यापार के विनियमन
और नियंत्रण के लिए विनियम बना सकेगी।
(2) ऐसे विनियम-
(क) विहित कर सकेंगे कि इस निमित्त दी गई अनुज्ञप्ति के धारक के
अतिरिक्त और कोई साहूँकारी या कारोबार नहीं करेगा_
(ख) साहूकार द्वारा प्रभारित या वसूल किए जाने वाले ब्याज की अधिकतम
दर विहित कर सकेंगे_
(ग) साहूकारों द्वारा लेखा रखे जाने का और जिला परिषदों द्वारा इस निमित्त
नियुक्त अधिकारियों द्वारा ऐसे लेखों निरीक्षण का उपबंध कर सकेंगे।
(घ) विहित कर सकेंगे कि कोई व्यक्ति जो जिले में निवासी अनुसूचित
जनजातियों का सदस्य नहीं है जिला परिषद द्वारा इस निमित्त दी गई
अनुज्ञप्ति के अधीन ही किसी वस्तु का थोक या फुटकर कारोबार
करेगा, अन्यथा नहींः
परंतु इस पैरा के अधीन ऐसे विनियम तब तक नहीं बनाये जा सकेंगे जब तक
वे जिला परिषद् की कुल सदस्य संख्या के कम से कम तीन-चौथाई बहुमत
द्वारा पारित नहीं कर दिये जाते हैंः