छठी अनुसूची [अनुच्छेद 189 (ख) और 190 (2)] - Page 328

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परंतु यह और कि ऐसे किन्हीं विनियमों के अधीन किसी ऐसे साहूकार या

व्यापारी को जो ऐसे विनियमों के बनाये जाने के पहले से इस जिले के भीतर

कारबार करता रहा है, अनुज्ञप्ति देने से इनकार करना संभव नहीं होगा।

  1. अनुसूची के अधीन बनाई गई विधियां, नियमों और विनियमों का प्रकाशन

जिला परिषद या प्रादेशिक परिषद द्वारा इस अनुसूची क अधीन बनाई गई सभी विधियां, नियम और विनियम राज्य के राजपत्र में तुरंत प्रकाशित किए जाएंगे और ऐसे प्रकाशन पर विधि का बल रखेंगे।

  1. स्वशासी जिलों और स्वशासी प्रदेशों में संसद के और राज्य के विधानमंडल के अधिनियमों का लागू होना-

(1) इस संविधान में किसी बात क होते हुए भी,-

(क) यदि किसी राज्य के विधानमंडल का कोई अधिनियम, जो ऐसे विषयों

में से किसी विषय के संबंध में है जिनको इस अनुसूची के पैरा 3 में

ऐसे विषयों के रुप में विनिर्दिष्ट किया गया है, जिनके संबंध में जिला

परिषद या प्रादेशिक परिषद विधियां बना सकेगी और उस राज्य के

विधानमंडल का कोई अधिनियम, जो राष्ट्रपति किसी अनासुत ऐल्कोहली

लिकर के उपभोग को प्रतिषिद्ध या निर्बाधित करता है, उस राज्य में

किसी स्वशासी जिले या स्वशासी प्रदेश तब तक लागू नहीं होगा जब

तक दोनों दशाओं में से हर एक में ऐसे जिले की जिला परिषद या

ऐसे प्रदेश पर अधिकारिता रखने वाली जिला परिषद, लोग अधिसूचना

द्वारा, इस प्रकार निर्देश नहीं दे देती है और जिला परिषद किसी अधि

नियम के संबंध में ऐसा निर्देश देते समय यह निर्देश दे सकेगी कि

वह अधिनियम ऐसे जिले या प्रदेश या उसके किसी भाग को लागू

होने में ऐसे अपवादों या उपांतरणों के अधीन रहते हुए प्रभावी होगा

जो वह ठीक समझत्ी है_

(ख) राज्यपाल, लोग अधिसूचना द्वारा, निर्देश दे सकेगा कि संसद का या

किसी राज्य के विधानमंडल का कोई अधिनियम, जिसे इस उपपैरा के

खंड (क) के उपबंध लागू नहीं होते हैं, उस राज्य में किसी स्वशासी

जिले या स्वशासी प्रदेश को लागू नहीं होगा अथवा ऐसे जिले या प्रदेश

या उसके किसी भाग को ऐसे अपवादों या उपान्तरणों के अधीन रहते

हुए लागू होगा जो वह इस अधिसूचना में विनिर्दिष्ट करें।