छठी अनुसूची [अनुच्छेद 189 (ख) और 190 (2)] - Page 331

312 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय

लिए दे सकेगाः

परंतु जब इस पैरा के खंड (क) के अधीन कोई आदेश किया गया है तब राज्यपाल प्रश्नगत क्षेत्र के प्रशासन के संबंध में, नया साधारण निर्वाचन होने पर परिषद के पुनर्गठन के लंबित रहने तक, इस पैरा के खंड (ख) में निर्दिष्ट कार्रवाई कर सकेगा_

परंतु यह और कि, यथास्थिति, जिला परिषद या प्रादेशिक परिषद को राज्य के विधानमंडल के समक्ष अपने विचारों को रखने का अवसर दिए जाने बिना इस पैरा के

खंड (ख) के अधीन कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।

  1. इस अनुसूची के उपबंधों का पैरा 19 से संलग्न सारणी के भाग 2 में विनिर्दिष्ट क्षेत्रों में लागू होना-

(1) असम का राज्यपाल -

(क) राष्ट्रपति के पुर्वानुमोदन से, लोक अधिसूचना द्वारा, इस अनुसूची के

पूर्वगामी सभी या किन्हीं उपबंधों को इस अनुसूची के पैरा 19 में

संलग्न सारणी के भाग 2 में विनिर्दिष्ट किसी जनजातीय क्षेत्र या ऐसे

क्षेत्र के किसी भाग को लागू कर सकेगा और इस पर ऐसे क्षेत्र या

भाग का प्रशासन ऐसे उपबंधों के अनुसार किया जाएगा_ और

(ख) वैसे ही अनुमोदन से, उक्त सारणी के भाग 2 में विनिर्दिष्ट किसी

जनजातीय क्षेत्र या उसके किसी भाग को उक्त सारणी में से अपवर्जित

भी कर सकेगा।

(2) जब तक कि उक्त सारणी के भाग 2 में विनिर्दिष्ट किसी जनजातीय क्षेत्र

या ऐसे क्षेत्र के किसी भाग के संबंध में इस पैरा के उपपैरा (1) के

अधीन सूचना जारी नहीं की जाती है तब तक, यथास्थिति, ऐसे क्षेत्र या उसके

भाग का प्रशासन राष्ट्रपति द्वारा अपने अभिकर्ता के रुप में असम के राज्यपाल

के माध्यम से चलाया जाएगा और इस संविधान के भाग 3 के उपबंध उसके

संबंध में इस प्रकार लागू होंगे मानों ऐसा क्षेत्र या उसका भाग पहली अनुसूची

के भाग 4 में विनिर्दिष्ट राज्यक्षेत्र हो।

  1. संक्रमणकालीन उपबंधः राज्यपाल, इस संविधान के प्रारंभ के पश्चात् यथासंभव शीघ्र इस अनुसूची के अधीन राज्य में प्रत्येक स्वशासी जिले के लिए जिला परिषद के गठन के लिए कार्रवाई करेगा और जब तक किसी स्वशासी जिले के लिए जिला परिषद इस प्रकार गठित नहीं की जाती है तब तक ऐसे जिले का प्रशासन राज्यपाल में निहित होगा और ऐसे जिले के भीतर के क्षेत्रों के प्रशासन को इस अनुसूची के पूर्वागामी