छठी अनुसूची [अनुच्छेद 189 (ख) और 190 (2)] - Page 332

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उपबंधों के स्थान पर निम्नलिखित उपबंध होंगे, अर्थात्ः-

(क) संसद का या उस राज्य के विधानमंडल का कोई अधिनियम ऐसे क्षेत्र

को तब तक लागू नहीं होगा जब तक राज्यपाल लोक अधिसूचना द्वारा,

इस प्रकार निर्देश नहीं दे देता है और राज्यपाल किसी अधिनियम के

संबंध में ऐसा निर्देश दे सकेगा कि वह अधिनियम ऐसे क्षेत्र या उसके

किसी विनिर्दिष्ट भाग को लागू होने में ऐसे अपवादों या उपांतरणों के

अधीन रहते हुए प्रभावी होगा जो वह ठीक समझती है_

(ख) राज्यपाल ऐसे किसी क्षेत्र की शांति और सुशासन के लिए विनियम बना

सकेगा और इस प्रकार बनाए गए विनियम संसद के या उस राज्य के

विधानमंडल के किसी अधिनियम का या किसी विद्यमान विधि का,

जो ऐसे क्षेत्र को तत्समय लागू है, निरसन या संशोधन कर सकेंगे।

(ग) राज्यपाल इस पैरा के अनुच्छेद (क) और (ख) के अंतर्गत अपने कार्य

अपने निर्देश के अनुसार करेगा।

  1. जनजाति क्षेत्र - नीचे दी गई सारणी के भाग 1 और भाग 2 में विनिर्दिष्ट क्षेत्र असम राज्य के जनजाति क्षेत्र होंगे, और उक्त सारणी में किसी जिला या प्रशासन क्षेत्र के निर्देश का अर्थ उस जिले या क्षेत्र के निर्देश के रुप में किया जाएगा जो इस संविध ान के प्रारंभ की तारीख पर विद्यमान हो।

सारणी

भाग 1

  1. शिलाँग कस्बे को छोड़कर खासी और जैतिया पहाड़ी जिला_

  2. गारो पहाड़ी जिला_

  3. लुशाए पहाड़ी जिला_

  4. नागा पहाड़ी जिला_

  5. कछार जिले का उत्तरी कछार उपखंड

  6. नौगांव और शिव सागर जिलों के मिकिर पहाड़ी भाग (बरपाथर और सरुपाथर को

छोड़कर)।

भाग 2

  1. सदिया और बालीपाड़ा सीमांत दर्रें_

  2. तीरप सीमांत दर्रा (लखीमपुर सीमांत दर्रें को छोड़कर)_

  3. नागा जनजातीय क्षेत्र।