314 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय
सातवीं अनुसूची
(अनुच्छेद 217)
सूची 1-संघ सूची
* 1. भारत के राज्यक्षेत्र की और उसके प्रत्येक भाग की रक्षा, जिसके अंतर्गत रक्षा
के लिए तैयारी और ऐसे सभी कार्य हैं जो युद्ध के समय युद्ध के संचालन और
उसकी समाप्ति के पश्चात् प्रभावी सैन्य-वियोजन में सहायक हों।
- केन्द्रीय आसूचना ब्यूरो।
** 3. रक्षा, विदेश कार्य और भारत की सुरक्षा संबंधी कारणों से निवारक उपाय।
*** 4. संघ की नौसेना, सेना और वायुसेना का जुटाना, प्रशिक्षण, रखरखाव और
नियंत्रण और उनका अभियोजन, पहली अनुसूची के भाग-1 में विनिर्दिष्ट तत्समय
विनिर्दिष्ट राज्यों में खड़े किए गए और अभिनियोजित किए गए सशस्त्र बलों
की संख्या, संगठन और नियंत्रण।
- संसद द्वारा विधि द्वारा रक्षा के प्रयोजन के लिए और युद्ध संचालन के लिए
आवश्यक घोषित किए गए उद्योग।
नौसेना, सेना और वायुसेना संकर्म।
छावनी क्षेत्र में स्थानीय शासन, ऐसे क्षेत्रों में छावनी प्राधिकरणों का गठन
और शक्तियां, ऐसे क्षेत्रों में गृहवास-सुविधा का विनियमन और ऐसे क्षेत्रों का
परिसीमन।
आयुध, अग्न्यायुध, गोलाबारूद और विस्फोटक।
परमाणु उर्जा और उसके उत्पादन के लिए आवश्यक खनिज संपदा।
* समिति ने ‘‘रक्षा प्रयोजनों के लिए भूमि का अधिग्रहण जिसके अंतर्गत प्रशिक्षण और चालें चलाना भी ** इस प्रविष्टि में, ‘‘राज्य के कारणों’’ शाब्दों के स्थान पर ‘‘रक्षा, विदेश कार्य या भारत की सुरक्षा से है,’’ प्रविष्टि का लोप कर दिया है क्योंकि यह विषय प्रविष्टि 43 में आ जाएगा।
संसक्त कारणों’’ शब्द रखे गए हैं ताकि ‘‘लोक व्यवस्था से संसक्त कारणों’’ से निवारक निरोध ‘विषयक *** राज्य सूची की प्रविश्टि 1 के विरोध से बचा जा सके’। यह संविधान सभा द्वारा यथा अंगीकृत प्रविष्टि के अनुसरण में है किन्तु प्रारूपण समिति के अध्यक्ष
प्रबल रूप से यह महसूस करते हैं कि पहली अनुसूची के भाग 3 की रियायतों में सषक्त बलों विषयक
प्रविष्टि का दूसरा भाग विलुप्त कर दिया जाए ताकि ऐसी रियायतों को अपनी सशास्त्र सेना रखने से
रोका जा सके।