36 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय
भारतीय स्वाधीनता के अधीन संविधान सभा के कृत्यों विषयक रिपोर्ट पर विचार करने के बारे में माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर के प्रस्ताव के संदर्भ में एतद्द्वारा यह संकल्प किया जाता है कि-
(i) सभा के कृत्य निम्नलिखित होंगे-
(क) तारीख 9 दिसम्बर, 1946 को प्रारंभ हुए संविधान निर्माण का काम
जारी रखना और उसे पूरा करना, तथा
(ख) जब तक नये संविधान के अनुसार विधानमंडल नहीं बनता है तब तक
डोमीनियन विधानमंडल के रूप में काम करना।
(ii) संविधान निर्माण निकाय के रूप में सभा का काम करना डोमिनियन विधानमंडल
के रुप में उसके सामान्य काम से साफ तौर पर भिन्न होना चाहिए तथा दो
प्रकार के कामकाज के लिए अलग-अलग दिन या उसी दिन अलग-अलग
बैठकें होनी चाहिएं।
(iii) संविधान सभा में देशी रियासतों के प्रतिनिधियों की स्थिति विषयक रिपोर्ट के
पैरा 6 में दी गई सिफारिशें स्वीकार कर ली जाएँ।
(iv) डोमिनियन विधानमंडल के रूप में काम करते समय सभा की कार्यवाहियों की
अध्यक्षता करने के लिए एक अधिकारी के निर्वाचन के लिए जिसे अध्यक्ष (स्पीकर)
कहा जाएगा, संविधान सभा के नियमों में उपयुक्त उपबंध किया जाए।
(v) डोमिनियन विधानमंडल के रूप में कार्य करने के लिए, सभा को बुलाने और
उसका सत्रावसान करने की शक्ति सभापति में निहित होनी चाहिए।
(vi) डोमिनियन सरकार के उन मंत्रियों को जो संविधान सभा के सदस्य नहीं हैं,
उसमें उपस्थित होने तथा संविधान निर्माण के उसके काम में भाग लेने का
अधिकार होना चाहिए, यद्यपि जब तक वे संविधान सभा के सदस्य न बनें तब
तक उन्हें मतदान का अधिकार नहीं होना चाहिए।
(vii) (क) भारतीय विधानसभा के नियमों और स्थायी आदेशों को भारतीय स्वाधीनता
अधिनियम, 1947 के अधीन अनुकूलित भारत शासन अधिनियम के
सुसंगत उपबंधों के अनुरूप बनाने के लिए उनमें आवश्यक उपान्तरण
अनुकूलन और अभिवर्धन संविधान सभा के सभापति द्वारा किए जाने
चाहिएँ।
* . सी.सी.डी. शासकीय रिपोर्ट, खण्ड 6, तारीख 27 जनवरी, 1948 पृष्ठ 9 ।