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(ख) रिपोर्ट के पैरा 9 के उपबंधों को कार्यान्वित करने के लिए और जहाँ
आवश्यक हो, भारत शासन अधिनियम की सुसंगत धारा को नए नियम
के अनुरूप बनाने के लिए उस धारा का अनुकूलन कराने के लिए
उक्त नियमों और स्थायी आदेशों में उपातंरण अनुकूलन और अभिवर्धन
यथासंभव संविधान सभा या सभापति द्वारा किया जाना चाहिए।
पूर्वी पंजाब को अतिरिक्त प्रतिनिधित्व
सभापतिः और लम्बी चर्चा से बचने के लिए क्या मैं इस संकल्प विशेष के बारे में अपनाई गई प्रक्रिया के बारे में वक्तव्य दे सकता हूँ? यह मामला संचालन समिति के सामने पेश किया गया था * और विलय निर्वाचन संचालन समिति ने महसूस किया है कि इन आंकड़ों पर विचार करने के लिए उसे एक बहुत छोटी समिति के पास भेजना आवश्यक है।
इस समिति में निम्नलिखित सदस्य थे-
डॉ. बी.आर. अम्बेडकर,
दीवान चमन लाल,
ज्ञानी गुरमुख सिंह मुसाफिर,
श्री रफी अहमद किदवई, और
श्री अय्यंगर।
तथा इन सब आंकड़ों और अन्य ऐसी जानकारियों पर ध्यान देने के बाद जो एक जगह से दूसरी जगह जनता के प्रवासन के बारे में उपबंध थे, समिति ने कुछ सिफारिशों की जिनके आधार पर यह संकल्प सदन के समक्ष आया है। विषय निर्वाचन समिति की सिफारिशों पर मैंने एक उपसमिति बनाई थी। उसने इस विषय पर विचार किया है। निःसंदेह, सदन इस बात के लिए स्वतंत्र है कि वह इसे स्वीकार करे या न करे। मेरे विचार में इस स्थिति को स्पष्ट करना बेहतर होगा। खेद है कि उपसमिति की रिपोर्ट परिचालित नहीं की गई है। केवल संकल्प परिचालित किया गया है। यदि सदस्यों के समक्ष यह रिपोर्ट होती तो संभव है बहुत सारी चर्चा से बचा जा सकता था किन्तु ऐसा नहीं हुआ है। इसका मुझे खेद है।
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# . संविधान सभा वाद-विवाद, शासकीय रिपोर्ट, खण्ड 6, 27 जनवरी, 1948, पृष्ठ 18 ।
* वही, पृष्ठ 18 ।