50 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय
किया जाता है। आवधिक मूल्यांकन निर्वाचनों के समय निर्वाचकों द्वारा किया जाता है जो हर पांच वर्ष में या इससे पहले भी हो सकते हैं उत्तरदायित्व का दैनिक मूल्यांकन अमरीकी शासन प्रणाली में उपलब्ध नहीं है, जबकि यह महसूस किया जाता है कि यह आवधिक मूल्यांकन से ज्यादा प्रभावकारी है तथा भारत जैसे देश में कहीं ज्यादा जरूरी है। प्रारुप संविधान के अंतर्गत संसदीय शासन प्रणाली की सिफारिश करके स्थिरता की अपेक्षा उत्तरदायित्व को अधिमान दिया गया है।
अब तक मैंने प्रारुप संविधान के अंतर्गत शासन प्रणाली की व्याख्या की है। अब मैं दूसरे प्रश्न पर आता हूँ और वह संविधान का स्वरूप।
इतिहास में संविधान के दो स्वरूप जाने जाते हैं-
एक, एकात्मक और दूसरा परिसंघीय। एकात्मक संविधान की दो अनिवार्य विशेषताएँ हैं- (1) केन्द्रीय शासनतंत्र सर्वोपरि होता है और (2) सहायक संप्रभु शासनतंत्र नहीं होता। इसके विपरीत परिसंघीय संविधान में (1) केन्द्रीय और सहायक पालिटी (शासनतंत्र) साथ-साथ चलते हैं, और (2) अपने-अपने क्षेत्र में दोनों संप्रभु होते हैं। दूसरे शब्दों में, परिसंघ का अर्थ है दोहरा शासन तंत्र। प्रारुप संविधान परिसंघीय संविधान है। इसमें दोहरा शासन तंत्र होता है। प्रस्तावित संविधान के अंतर्गत दोहरे शासनतंत्र में केन्द्र में संघ होगा और उसके चारों ओर राज्य होंगे, प्रत्येक राज्य को संविधान द्वारा सौंपे गए क्षेत्र में संप्रभु शक्तियां प्राप्त होंगी। दोहरे शासनतंत्र में अमरीकी संविधान की झलक दिखाई पड़ती है। अमरीकी शासनतंत्र भी दोहरा शासनतंत्र है- एक परिसंघीय सरकार और दूसरा राज्य सरकारें। वे दोनों तंत्र प्रारुप संविधान की संघीय सरकार तथा राज्य सरकारों के समरूप हैं। अमरीकी संविधान में परिसंघीय (फेडरल) सरकार राज्य संघ मात्र नहीं हैं और न ही राज्य फेडरल सरकार की प्रशासनिक इकाईयां या एजेन्सियां हैं। उसी प्रकार, प्रारुप संविधान में प्रस्तावित भारतीय सरकार राज्यों का संघ नहीं है और न ही राज्य संघ सरकार की प्रशासनिक इकाईयां या एजेन्सियाँ हैं। किन्तु भारतीय और अमरीकी संविधान में समानताएं यही समाप्त हो जाती हैं। उनमें जो भिन्नताएं हैं वे दोनों की समानताओं की अपेक्षा अधिक मूलभूत और महत्वपूर्ण हैं।
भारतीय परिसंघ और अमरीकी परिसंघ में मुख्यतः दो भिन्नताएं हैं- अमेरिका में, दोहरे शासन तंत्र के साथ-साथ दोहरी नागरिकता की भी व्यवस्था है। अमेरिका की नागरिकता होती है और साथ ही राज्य की नागरिकता भी होती है। निस्संदेह इस दोहरी नागरिकता की कठोरताओं को अमेरिका के संविधान के 14वें संशोधन द्वारा दूर कर दिया गया है। उस संशोधन के द्वारा राज्यों को संयुक्त राज्य अमेरिका के नागरिकों के अधिकारों, विशेषाधिकार और अभियुक्तियों को छीनने से रोक दिया गया है। साथ ही, जैसा कि श्री विलियम एन्डरसन ने कहा था, कुछ राजनीतिक विषयों में, जिनके अंतर्गत