88 बाबा साहेब डा. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
मेरे मित्र श्रीमान् नज़ीरुद ् दीन अहमद द्वारा प्रस्तावित संशोधन नं. 506 और 509 के संबंध में...................
श्रीमान् नज़ीरुद्दीन अहमद ः यह संख्या 510 है।
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकर ः जो भी हो, मैंने स्थिति पर कल पूरे दिन विचार किया और मैं इस निष्कर्ष पर पहुँचा कि इन संशोधनों को स्वीकार करने से कुछ भी भला नहीं होगा। हालाँकि, मैं श्रीमान् करीमुद ् दीन द्वारा प्रस्तावित संशोधन सं. 512 को स्वीकार करने के लिए तैयार हूँ। मेरे विचार से यह एक उपयोगी प्रावधान है और हमारे संविधान में स्थान पा सकता है। इसमें नया कुछ भी नहीं है क्योंकि यह पूरा का पूरा अनुच्छेद जैसा उन्होंने सुझाया है अपराध प्रक्रिया संहिता में है, इसलिए एक तरह से यह कहा जा सकता है कि यह पहले से ही देश का कानून है। यह पूर्णतया सम्भव है कि भविष्य की विधायिकाएँ उनके संशोधन में उल्लिखित प्रावधानों को रद ् द कर दें लेकिन जहाँ तक वैयक्तिक स्वतंत्रता का संबंध है ये इतने अधिक महत्वपूर्ण हैं कि इन प्रावधानों को विधायिका की पहुँच से दूर रखना बहुत वांछनीय है और इसलिए मैं उनके संशोधन को स्वीकार करने के लिए तैयार हूँ।
मेरे मित्र श्रीमान् कक्कड़ द्वारा प्रस्तावित संशोधन नं. 513 के संबंध में ........
एक माननीय सदस्य ः यह प्रस्तावित नहीं किया गया।
श्रीमान् उपाध्यक्ष ः संशोधन सं. 505 और 506 के बारे में?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकर ः मैं पहले ही कह चुका हूँ कि मैं संशोधन से. 506 और 510 को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हूँ।
श्रीमान् उपाध्यक्ष ः क्या संशोधन सं. 505 का भाग 2 जो सूची V के संशोधन सं. 92 द्वारा संशोधित किया गया, के बारे में आपके पास कहने के लिए है? शायद आपने इस पर ध्यान नहीं दिया है। यह पंडित ठाकुरदास भार्गव के नाम में है।
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकर ः मैं उनके द्वारा प्रस्तावित संशोधन को स्वीकार करता हेँ।
श्रीमान् उपाध्यक्ष ः मैं संशोधनों को एक-एक करके मतदान के लिए रख रहा हूँ।
संशोधन सं. 505, जैसा सूची V के संशोधन सं. 92 द्वारा संशोधित किया गया, मैं समझता हूँ कि डॉ. अम्बेडकर ने इसे स्वीकार कर लिया है। प्रश्न है -
फ्कि अनुच्छेद 14 की धारा (1)में, शब्दों ‘नियुक्ति के समय कानून के तहत’ के लिए शब्द ‘नियुक्ति के समय अमल में कानून के तहत’ प्रतिस्थापित किए जाएं।य्
संशोधन स्वीकृत हुआ।
¹दो संशोधन अस्वीकृत हुए।ह्
ऽ ऽ ऽ ऽ
श्रीमान् उपाध्यक्ष ः श्रीमान् काज़ी सईद करीमुद ् दीन द्वारा प्रस्तावित तथा डॉ. अम्बेडकर द्वारा स्वीकृत संशोधन सं. 512 प्रश्न है - कि अनुच्छेद 14 में, बतौर धारा (4) अधोलिखित को जोड़ा जाए -