96 बाबा साहेब डा. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकर - हाँ, महोदय।
श्रीमान् उपाध्यक्षः डॉ. अम्बेडकर ने संशोधन स्वीकार कर लिया है।
संशोधन स्वीकृत हुआ।
¹अनुच्छेद 19 संशोधन सं. 596 और 609 यथासंशोधित रूप मे स्वीकृत हुआ और संविधान में जोड़ दिया गया।ह्
अनुच्छेद 14 (क्रमागत)
[#] श्रीमान् उपाध्यक्ष ः हम अनुच्छेद 14 पर वापस जाएंगे। जहांँ तक मुझे याद है - मुझे खेद है, मैंने अपने नोट गलत जगह रख दिए हैं - अनुच्छेद 14 के प्रति कई संशोधन थे, जो एक के बाद एक मतदान के लिए रखे गये थे और केवल दो संशोधनों पर ही विचार हो पाया था जब उन कारणों से जिन्हें सदन पहले ही जानता है, इन पर विचार स्थगित कर दिया गया था। एक काज़ी करीमुद ् दीन द्वारा प्रस्तावित संशोधन सं. 512 था और दूसरा एक सुझाव था जो श्रीमान् टी.टी. कृष्णमाचारी द्वारा दिया गया था? श्रीमान् टी.टी. कृष्णाचारी क्या आप कृपया करके मुझे समझाएंगे? क्या यह एक सुझाव भर था या यह एक अल्प सूचना संशोधन था?
श्रीमान् टी.टी. कृष्णमाचारी ः यह एक अल्पसूचना आधारित संशोधन था।
श्रीमान् उपाध्यक्ष - यह एक अल्पसूचना संशोधन था जिसे मैंने स्वीकार कर लिया था। केवल यही दो संशोधन मतदान के लिए रखे जाने के लिए बचे थे।
ऽ ऽ ऽ ऽ
[♣] श्रीमान् उपाध्यक्ष ः हम श्रीमान् कृष्णमाचारी के संशोधन पर आते हैं जिसे डॉ. अम्बेडकर ने स्वीकार कर लिया था।
श्री एच.बी. कामथ ः क्या हर बार यह कहना आवश्यक है कि डॉ. अम्बेडकर ने स्वीकार कर लिया है या अस्वीकार कर दिया है?
श्रीमान् उपाध्यक्ष - कभी-कभी यह कहना आवश्यक है। हमेशा नहीं। मैं अब संशोधन को मतदान के लिए रखता हूँ।
प्रश्न है -
फ्कि अनुच्छेद 14 की धारा (2) में शब्द ‘शैल बी’ के बाद शब्द ‘प्रोसिक्युटेड’ अन्तर्विष्ट किए जाएं।य्
संशोधन स्वीकृत हुआ।
अनुच्छेद 14, यथासंशोधित रूप में संविधान में जोड़ दिया गया। # ♣ वही, पृष्ठ 840 सी.ए.डी., अंक VII, 6 दिसम्बर, 1948, पृ. 842