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महोदय आपको याद होगा कि जब डॉ. अम्बेडकर ने प्रारुप संविधान पर विचार करने का प्रस्ताव किया था तब सरकार की रूपरेखा पर विचार करते हुए उन्होंने कहा था कि-
श्रीमान् उपाध्यक्षः हम इस तरह की चर्चा नहीं चाहते। मैं माननीय सदस्य से अनुरोध करता हूँ कि वे तभी बोलें जब उनके पास कहने के लिए कुछ नया हो।
ऽ ऽ ऽ ऽ
महबूब अली बेग साहिब बहादुर -- यदि डॉ. अम्बेडकर कहते हैं कि ‘‘Union’’ फ्यूनियनय् शब्द का उपयोग किए जाने का कोई महत्वपूर्ण कारण नहीं है तो फिर हम सही शब्द ‘फेडरेशन’ का प्रयोग क्यों न करें, लेकिन यदि ‘यूनियन’ शब्द इस उद ् देश्य से प्रयुक्त किया गया है कि आगे चलकर संघीय सरकार को एकात्मक सरकार में बदल दिया जाये तो फिर इस सदन को इसी समय सही शब्द का प्रयोग करना चाहिए ताकि भविष्य में कोई सत्ता चाहने वाली पार्टी, जो सत्ता में आसानी से आ सकती है, के लिए इसे एकात्मक सरकार में परिवर्तित करना कठिन हो। इसलिए इस सदन को ‘यूनियन’ शब्द के बजाय सही शब्द ‘फेडरेशन’ का प्रयोग करना चाहिए। महोदय, इस संशोधन को प्रस्तुत करने के पीछे मेरा यही तर्क है। अगर आप चाहते हैं कि सरकार आवश्यक रूप से संघीय सरकार हो और यह एकात्मक सरकार न हो और यदि आप भविष्य में किसी सत्ता चाहने वाली पार्टी को इसे एकात्मक सरकार में बदलने से रोकना चाहते हैं और वह फासीवादी तथा अधिनायकवादी न बने तो यह हमारा कर्त्तव्य है कि हम अब उचित शब्द जो कि ‘फेडरेशन’ है का प्रयोग करें। इसलिए, महोदय, मैं प्रस्ताव करता हूँ कि ‘यूनियन’ शब्द के स्थान पर ‘फेडरेशन’ शब्द प्रतिस्थापित किया जाये।
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः मैं यह संशोधन स्वीकार नहीं करता।
संशोधन अस्वीकृत हो गया।
ऽ ऽ ऽ ऽ
ऽ माननीय श्री घनश्याम सिंह गुप्ता (सी.पी. एवं बेरार-जनरल) ः महोदय, मैं प्रस्ताव करता हूँः
फ्कि अनुच्छेद 1 में जहाँ कहीं भी ‘राज्य’ शब्द आता है उसके स्थान पर ‘प्रदेश’ शब्द प्रतिस्थापित किया जाए और परिणामी परिवर्तन सम्पूर्ण प्रारुप संविधान में किए जाएं।य्
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माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकर ः मैं इस संशोधन का विरोध करता हूँ।
श्रीमान् उपाध्यक्ष ः प्रश्न है-
ऽ सी.ए.डी., खण्ड सी.ए.डी. (आधिकारी प्रतिवेदन) खण्ड VII, 15 नवम्बर, 1948, पृष्ठ 412 VII, 15 नवम्बर, 1948, पृष्ठ 406