अनुच्छेद 1 - Page 25

10 बाबा साहेब डा. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

¹सदन 17 नवम्बर, 1948 तक के लिए स्थगित कर दिया गया।ह्

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ख्ऽ, श्रीमान् उपाध्यक्ष (डॉ. एच.सी. मुखर्जी)ः हम अब और संशोधन लेंगे।

संशोधन संख्या 126 - प्रो. शाह।

प्रो. के.टी. शाहः (बिहार जनरल) श्रीमान् उपाध्यक्ष महोदय, मैं प्रस्ताव करता हूँ-

फ्कि अनुच्छेद 1 की धारा (3) के उपखण्ड (स) के अंत में अधोलिखित को जोड़ा जाए।य्

‘अथवा जो संघ में मिलने, सम्मिलित होने या विलय होने के लिए सहमत हो सकें’।

¹इसके बाद प्रो. शाह का भाषण हुआ।ह्

ऽ ऽ ऽ ऽ

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकर (बम्बई जनरल) ः महोदय, मैं इस संशोधन का विरोध करता हूँ।

प्रस्ताव अस्वीकृत हुआ।

ऽ ऽ ऽ ऽ

प्रो. के.टी. शाह - श्रीमान् उपाध्यक्ष,महोदय, यह संशोधन जो मेरे नाम में है, इस प्रकार है-

फ्कि अनुच्छेद 1 में अधोलिखित प्रतिबंध को जोड़ा जाए-

‘बशर्ते कि इस संविधान की कई अनुसूचियों में तथा बाद में आने वाले विभिन्न अनुच्छेदों में निहित विशेषताओं अथवा भेदों को इस संविधान के लागू होने की तारीख से अधिक से अधिक दस वर्ष के अंतराल के अन्दर समाप्त कर दिया जाएगा और भारत संघ के सदस्य राज्यों को समान आधार पर ग्राम पंचायतों के ऐसे समूह के रूप में संगठित किया जायेगा जो आपस में सहकारी रूप से संगठित होंगी और संघ के अंदर लोकतांत्रिक इकाइयों के रूप में कार्य करेंगी।य्

¹इसके बाद चर्चा हुई।ह्

ऽ ऽ ऽ ऽ

ऽ ♣ सी.ए.डी., अंक सी.ए.डी., अंक VIIVII, 15 नवम्बर, 1948, पृष्ठ 425, 15 नवम्बर, 1948, पृष्ठ 426