अनुच्छेद 2 - Page 27

12 बाबा साहेब डा. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

अनुच्छेद 2

[#] श्रीमान् नज़ीरूद्दीन अहमद - महोदय, मैं प्रस्ताव करता हूँ-

फ्कि अनुच्छेद 2 और अनुच्छेद 3 के लिए अधोलिखित को प्रतिस्थापित किया जाए-

‘2. संसद कानून द्वारा-

(क) संघ में नये राज्यों को प्रवेश दे सकती है_

(ख) किसी राज्य को उपविभाजित कर दो या दो से अधिक राज्य बना सकती है_

(ग) अधोलिखित क्षेत्रों में से हिन्दी दो या दो से अधिक प्रकार के क्षेत्रों को नया

राज्य बनाने के लिए मिश्रित कर सकती है, अर्थात ् -

( i ) राज्य,

( ii ) राज्य के हिस्से या हिस्सा,

( iii ) हाल में अधिगृहीत किया गया क्षेत्र_

(द) इस अनुच्छेद के खण्ड (अ) में दाखिल या खण्ड (ब) व (स) में उत्पन्न किए गये किसी राज्य को नाम दे सकती है_

(ध) किसी राज्य का नाम बदल सकती हैः

बशर्ते कि संसद के किसी सदन में कोई भी विधेयक इस उद ् देश्य हेतु राष्ट्रपति की सिफारिश के अलावा और तब तक पेश नहीं किया जायेगा, जब तक कि-

(अ) इस विधेयक में निहित प्रस्ताव प्रथम अनुसूची के भाग 1 में अस्थाई तौर

पर उल्लिखित किसी राज्य या राज्यों के नाम व सीमाओं को, उस राज्य की

विधानसभा अथवा यदि विधायिका दो सदन वाली है तो उसके दोनो सदनों

या प्रत्येक राज्य की विधानसभा, जैसी भी स्थिति हो, के विधेयक के पेश

करने के प्रस्ताव तथा विधेयक के प्रावधानों के विषय से संबंधित विचारों

जो राष्ट्रपति द्वारा जान लिए गये है, को प्रभावित नहीं करता_ और

(ब) यह प्रस्ताव प्रथम अनुसूची के भाग III में अस्थायी तौर पर उल्लिखित

किसी राज्य या राज्यों के नाम व सीमाओं, उस राज्य अथवा प्रत्येक राज्य

के प्रस्ताव को पूर्व स्वीकृति, जैसी भी स्थिति हो, जो अधिनिश्चित कर

ली गई है, को प्रभावित नही करता।य्

¹इसके बाद प्रस्तावक का भाषण हुआ।ह्

ऽ ऽ ऽ ऽ

# सी.ए.डी., अंक VII, 15 नवम्बर, 1948, पृष्ठ 431