34 बाबा साहेब डा. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
व्यक्ति नहीं पाया जिसने श्रीमान् सन्थानम द्वारा रखे गये प्रस्ताव का विरोध किया हो। प्रशंसा करने के लिए कई तरीके हो सकते हैं, लेकिन मूलतः ये भाषण और कुछ नहीं है सिवाय संशोधन की प्रशंसा के।
प्रस्ताव स्वीकृत हुआ।
अनुच्छेद 31-क, संविधान में जोड़ दिया गया।
अनुच्छेद 32
[@] श्री श्यामनन्दन सहाय (बिहार - जनरल) ः महोदय, मैं आपकी अनुमति से संशोधन सं. 933 और 934 का साथ-साथ प्रस्ताव करता हूँ-
फ्( i ) कि अनुच्छेद 32 में शब्द ‘शिक्षा’ के बाद एक अल्पविराम चिह्न और
शब्द ‘चिकित्सा सहायता प्रदान करने’ जोड़े जाएं_ और
( ii ) कि शब्दों ‘ऑफ अनडिजर्ड वान्ट’ के स्थान पर ‘डिजविंग रिलीफ’
प्रतिस्थापित किया जाए।य्
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ख्», माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकर (बम्बई - जनरल) ः महोदय, मैं इन संशोधनों का विरोध करता हूँ।
श्रीमान् उपाध्यक्ष (डॉ. एच.सी. मुखर्जी) ः मैं संशोधनों को मतदान के लिए रखता हूँ।
¹संशोधन संख्या 933, 934 और 936 जो आगे और संशोघन के लिए प्रस्तुत किये गये थे, अस्वीकृत हुए।ह्
अनुच्छेद 34
ख्ऽ, श्रीमान् उपाध्यक्ष ः श्रीमान् रामलिंगम चेट्टियार का संशोधन इस प्रकार है-
फ्और विशेषकर राज्य ग्रामीण क्षेत्रों में सहकारिता की तर्ज पर कुटीर उद्योगों को आगे बढ़ाने का प्रयास करेगा।य्
यह श्रीमान् चेट्टियार द्वारा प्रस्तावित संशोधन की भाषा है। इसलिए, यह ठीक क्रम में है। अब अनुच्छेद सामान्य चर्चा के लिए खुला है।
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@ »ऽ वही, पृ. 532 सी.ए.डी. (आधिकारिक प्रतिवेदन), अंक वही, पृ. 529 VII, 29 नवम्बर, 1948, पृ. 529