अनुच्छेद 39 - Page 61

46 बाबा साहेब डा. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

अधिक सुविधा व आसानी होगी। इसलिए मैं आपसे निवेदन करता हूँ कि कृपया मुझे हिन्दी में बोलने की अनुमति दें।

¹ श्रीमान् उपाध्यक्ष इस संशोधन के संबंध में मैं सदन के समक्ष यह कहना चाहूँगा कि वास्तव में यह संशोधन दूसरे संशोधन की तरह, जिसके बारे में डॉ. अम्बेडकर ने कहा है, उनका उत्पादन है .......ह्

ऽ ऽ ऽ ऽ

[# ] माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकर ः मैं पंडित ठाकुरदास का संशोधन स्वीकार करता हूँ।

श्रीमान् उपाध्यक्ष ः मैं अब संशोधनों को एक-एक करके मतदान के लिए रखूँगा।

¹प्रस्ताव स्वीकृत हुआ।ह्

अनुच्छेद 38-क, जैसा संशाधित किया गया, संविधान में जोड़ दिया गया।

अनुच्छेद-39

ख्», श्रीमान् उपाध्यक्ष ः क्या हम कार्यसूची के अगले विषय पर आएं? 1003 संख्या पहले ही एक पिछले संशोधन द्वारा शामिल किया जा चुका है। संख्या 1004 निपटा दिया गया है। तब संख्या 1005 इसका पहला भाग प्रस्तावित नहीं किया जा सकता लेकिन दूसरा भाग किया जा सकता है। (प्रस्तावित नहीं किया गया।)

तब सदन के समक्ष प्रस्ताव यह है कि अनुच्छेद 39 संविधान का भाग बन गया है। इसके बारे में कई संशोधन हैं।

(संख्या 1006, 1007 और 1008 प्रस्तावित नहीं किए गये।)

डॉ. अम्बेडकर और उनके साथियों द्वारा संशोधन संख्या 1009 प्रस्तुत किया गया।

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकर ः महोदय, मैं प्रस्ताव करता हूँ-

फ्कि अनुच्छेद 39 में, शब्दों ‘स्पोलिएशन’ के बाद शब्द ‘डिसफिगरमैंट’ अन्तर्विष्ट किया जाये।य्

प्रो. शिब्बनलाल सक्सेना ः श्रीमान् उपाध्यक्ष, महोदय, मैं प्रस्ताव करता हूँ -

फ्कि अनुच्छेद 39 में, शब्दों ‘स्पोलिएशन’ के शब्द ‘डिसफिगरमैंट’ अन्तर्विष्ट किया जाये और शब्दों ‘मे बी’ के बाद अनुच्छेद में अंत तक के सभी शब्द निकाल दिये जाएं।य्

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकर ः आप भाषण क्यों देना चाहते हैं? जब मैं इसे स्वीकार करने जा रहा हूँ।

# » सी.ए.डी., अंक वही, पष्ठ 581 VII, 24 नवम्बर, 1948, पृ. 580