अनुच्छेद 8 (क) - Page 73

58 बाबा साहेब डा. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

(क) अभिव्यक्ति ‘कानून’ में ऐसा कोई भी अध्यादेश, आदेश, उपकानून, नियम,

नियमन, अधिसूचना, रिवाज या लोकाचार शामिल है जो भारत के क्षेत्र या

इसके किसी भाग में कानून की शक्ति रखता है।

(ख) अभिव्यक्ति फ्लागू कानूनय् में वे कानून शामिल हैं जो भारत के क्षेत्र में

किसी विधायिका या अन्य सक्षम प्राधिकारी द्वारा इस संविधान के शुरू होने

से पहले पारित किए या बनाये गये हैं और जो पहले समाप्त नहीं किए गये

भले ही ऐसा कोई कानून या उसका कोई हिस्सा तब कतई अथवा विशेष

क्षेत्रों में अमल में न रहा हो।य्

संशोधन स्वीकृत हुआ। ¹दो और संशोधन अस्वीकृत हुए।ह्

अनुच्छेद 8, यथासंशोधित रूप में संविधान में जोड़ दिया गया।

अनुच्छेद 8 (क)

ख्ऽ, श्रीमान् उपाध्यक्ष ः नयी सूची में अगला संशोधन, नं. 273, श्रीमान् लोकनाथ मिश्रा के नाम में है।

श्री लोकनाथ मिश्रा (उड़ीसा - जनरल) ः महोदय, मैं प्रस्ताव करता हूँ-

फ्कि अनुच्छेद 8 के बाद, अधोलिखित नया अनुच्छेद 8(अ) अन्तर्विष्ट किया जाए-

‘चुनाव और मतदान का अधिकार’

8-अ. (1) वह प्रत्येक नागरिक जिसकी उम्र 21 वर्ष हो चुकी है और जिसे

संविधान के तहत या केन्द्रीय संसद या राज्य विधायिका द्वारा बनाये गये

किसी कानून के तहत अनिवासी, मानसिक विक्षिप्तता, अपराध या भ्रष्ट या

गैर-कानूनी काम में से किसी एक आधार पर अयोग्य करार नहीं दिया गया

है, इस प्रकार के चुनावों में मतदाता के तौर पर पंजीकृत किए जाने का

अधिकारी होगा।

(2) चुनाव वयस्क मताधिकार के आधार पर होंगे जैसा कि पिछली उपधारा में

उल्लेख किया गया है लेकिन ये अप्रत्यक्ष हो सकते हैं अर्थात् पोरा और

ग्राम पंचायतों या ग्रामों का समूह, एक कस्बा या इसका एक भाग जिसमें

मतदाताओं की विशेष संख्या है या स्थानीय सरकार की एक स्वायत इकाई

को अपने प्राथमिक सदस्य चुनने की आवश्यकता होगी, जो बाद में, केन्द्रीय

संसद तथा राज्य विधानसभा के सदस्यों को चुनेंगे।

(3) प्राथमिक सदस्यों को उसके द्वारा चुने गये केन्द्रीय संसद तथा राज्य विधानसभा

के सदस्यों को वापस बुलाने का अधिकार होगा।

ऽ सी.ए.डी., अंक VII, 29 नवम्बर, 1948, पृ. 646