अनुच्छेद 10 - Page 81

66 बाबा साहेब डा. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

प्रश्न है-

फ्कि अनुच्छेद 11 के लिए अधोलिखित अनुच्छेद प्रतिस्थापित किया जाए-

‘11. अपने धर्म और जाति के आधार पर कोई भी व्यक्ति ‘अछूत’ नहीं समझा जाएगा, और किसी भी रूप में ऐसा करना कानून के तहत दंडनीय बनाया जा सकता है’।य्

¹श्रीमान् नज़ीरुददीन का यह संशोधन अस्वीकृत हुआ।ह्

अनुच्छेद 11 स्वीकृत हुआ और संविधान में जोड़ दिया गया।

माननीय सदस्य ः फ्महात्मा गांधी की जयय्

¹छह सदस्य इस अनुच्छेद पर बोले। डॉ. अम्बेडकर ने कोई भाषण नहीं दिया।ह्

अनुच्छेद 11 (क) और (ख)

श्रीमान् जैड. एच. लारी (संयुक्त प्रांत-मुसलमान) ः श्रीमान् उपाध्यक्ष, मैं प्रस्ताव करता हूँ-

फ्कि अनुच्छेद 11 के बाद अधोलिखित नया अनुच्छेद अन्तर्विष्ट किया जाए -

‘11-अ - कर्ज के लिए कैद समाप्त की जाती है।

11-ख -हिंसक राजद्रोह के लिए मृत्युदण्ड के बदले मृत्युदण्ड समाप्त किया जाता है।य्

महोदय, दोनों धारायें भिन्न हैं और इसलिए इन पर विचार करते हुए और अपनाते हुए सदन के लिए दोनों को एक साथ स्वीकार करना या अस्वीकार करना आवश्यक नहीं है। सदन को एक को स्वीकार करने या न करने या दोनों को स्वीकार करने की स्वतंत्रता है।

श्रीमान् उपाध्यक्ष - इसे अलग से क्यों नहीं प्रस्तावित करते?

ऽ ऽ ऽ ऽ

ख्ऽ, माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकर (बम्बई - जनरल) ः मैं संशोधन को स्वीकार नहीं करता।

श्रीमान् उपाध्यक्ष ः मैं संशोधन को मतदान के लिए रखूँगा।

संशोधन अस्वीकृत हुआ।

अनुच्छेद 10

[#] श्रीमान् उपाध्यक्ष ः हम अनुच्छेद 10 पर वापस आ सकते हैं। सदन के समक्ष प्रस्ताव हैं-

कि अनुच्छेद 10 संविधान का हिस्सा हो चुका है।

ऽ ऽ ऽ ऽ

ऽ # सी.ए.डी., अंक वही, पृष्ठ 672 VII, 30 नवम्बर, 1948, पृ. 672