अनुच्छेद 166 - Page 111

92 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

नया अनुच्छेद 163-क

** माननीय सभापतिः एक नया अनुच्छेद 163-क प्रस्तुत किया जाना है। यह संशोधन संख्या 39 है सूची I .

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः महोदय, इसे स्थगित रखा जाए।

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अनुच्छेद 165

श्री टी.टी. कृष्णमाचारीः सभापीठ ने पूर्व में कई अवसरों पर डॉ. अम्बेडकर को ऐसा संशोधन प्रस्तुत करने की अनुमति दी है और मेरे विचार से वही प्रथा जारी रखी जा सकती है और इसे औपचारिक तौर पर प्रस्तुत किया जा सकता है।

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः महोदय, मैं प्रस्ताव करता हूँः

फ्कि अनुच्छेद 165 में ‘घोषणा’ शब्दों के स्थान पर फ्प्रतिज्ञान या शपथय् शब्दों को प्रतिस्थापित किया जाए।य्

प्रस्ताव स्वीकृत हुआ।

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अनुच्छेद 166

*** माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः महोदय, मैं प्रस्ताव करता हूँः

फ्अनुच्छेद 166 के खण्ड (1) के बाद निम्नलिखित खण्ड स्थापित किया जाएः

(1 क) कोई व्यक्ति पहली अनुसूची में विनिर्दिष्ट दो या अधिक राज्यों के विधानमंडलों का सदस्य नहीं होगा और यदि कोई दो या अधिक ऐसे राज्यों के विधानमंडलों का सदस्य चुन लिया जाता है तो ऐसी अवधि की समाप्ति के पश्चात् जो राष्ट्रपति द्वारा बनाए गए नियमों में विनिर्दिष्ट की जाए, ऐसे सभी राज्यों के विधानमंडलों में ऐसे व्यक्ति का स्थान रिक्त हो जाएगा यदि उसने एक राज्य को छोड़कर अन्य राज्यों के विधानमंडलों में अपने स्थान को पहले ही नहीं त्याग दिया है।

यह खण्ड उस मामले के बारे में उपबंध करता है जहाँ कोई व्यक्ति दो राज्यों के

* ख्., सीएडी, खण्ड VIII, दिनांक 2 जून, 1948, पृ. 558

# पूर्वोक्त पृष्ठ 564

** पूर्वोक्त, पृष्ठ 566

*** पूर्वोक्त, पृष्ठ 567