अनुच्छेद 109 - Page 119

100 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

अनुच्छेद 170

श्री एल. कृष्णास्वामी भारती (मद्रासः जनरल)ः महोदय, मैं प्रस्ताव करता हूँः

फ्अनुच्छेद 170 में, ‘ऐसे दिए गए’ के बाद ‘वेतन और’ शब्द अन्तःस्थापित किए जाएं।य्

* श्री नजरुद्दीन अहमदः हमें इस बात की सूचना नहीं थी कि अनुच्छेद 109 आज लिया जाएगा।

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।

* * * * *

अनुच्छेद 109

** माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः सभापति महोदय, मैं प्रस्ताव करता हूँः

फ्कि अनुच्छेद 109 में, ‘यदि जहां तक’ शब्दों के स्थान पर ‘यदि और जहां तक’ शब्द प्रतिस्थापित किए जाएं।य्

(संशोधन संख्या 1896 और 1897 प्रस्तुत नहीं किए गए।)

* * * * *

# माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मेरे विचार से इस बारे में कुछ जरूरी नहीं है। मैं श्री टी.टी. कृष्णामाचारी का संशोधन स्वीकार करता हूँ।

(संशोधन निम्न रूप में था)ः

फ्कि अनुच्छेद 109 के परन्तुक के स्थान पर निम्नलिखित प्रतिस्थापित किया जाएः

‘परंतु उक्त अधिकारिता का विस्तार उस विवाद पर नहीं होगा जिसमें राज्य एक पक्ष है तथा जो ऐसी संधि, करार, वचनबंध, सनद या वैसी ही अन्य लिखत से उत्पन्न हुआ है जो यह उपबंध करती है कि उक्त अधिकारिता का विस्तार ऐसे विवाद पर नहीं होगा।

¹पूर्व में दर्शाए गए डॉ. अम्बेडकर के संशोधन के साथ यह संशोधन स्वीकृत हुआ।ह्

* ख्., वही, पृष्ठ 588

** वही, पृष्ठ 588

पूर्वोक्त, पृष्ठ 590

# सीएडी, खण्ड VIII, दिनांक 3 जून, 1949, पृ. 5