अनुच्छेद 110 - Page 120

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अनुच्छेद 109, यथासंशोधित रूप में, संविधान में जोड़ा गया।

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अनुच्छेद 110

@ माननीय सभापतिः क्या संशोधन संख्या 111 में आपराधिक स्वरूप के मामले भी शामिल हैं?

श्री नजरुद्दीन अहमदः नहीं।

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः हम एक पृथक अनुच्छेद के माध्यम से यह उपबंध कर रहे हैं।

श्री नजरुद्दीन अहमदः महोदय, मैं आपका आभारी हूँ कि आपने यह बताया कि अनुच्छेद 111 में आपराधिक मामले के बारे में कोई उपबंध नहीं किया है................

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* माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मैं प्रस्ताव करता हूँः

फ्कि अनुच्छेद 110 के खण्ड (3) में ‘न सिर्फ इस आधार पर कि पूर्वोक्त किसी प्रश्न का विनिश्चय गलत किया गया है बल्कि शब्दों के स्थान पर ‘इस आधार पर कि पूर्वोक्त किसी प्रश्न का विनिश्चय गलत किया गया है और उच्चतम न्यायालय की अनुमति से’ शब्द प्रतिस्थापित किए जाएं।

इसकी विद्यमान भाषा थोड़ी अजीब-सी है और इस कारण हम इसे अलग ढंग से रख रहे हैं ताकि इसे बिना कठिनाई के पढ़ा जा सके। खण्ड को अब निम्नानुसार पढ़ा जाएगाः

फ्जहाँ ऐसा प्रमाणपत्र दे दिया गया है या ऐसी अनुमति दे दी गई है, वहाँ उस मामले में कोई पक्षकार इस आधार पर उच्चतम न्यायालय में अपील कर सकेगा कि पूर्वोक्त किसी प्रश्न का विनिश्चय गलत किया गया है और उच्चतम न्यायालय की अनुमति से किसी भी अन्य आधार पर अपील कर सकता है।य्

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# माननीय डॉ. बी.आर अम्बेडकरः महोदय, मुझे यह कहना पड़ रहा है कि

@ ख्., वही, पृष्ठ 593-94

* सीएडी, खण्ड VIII, दिनांक 3 जून, 1948, पृ. 584

* ख्., वही, पृष्ठ 612-14