अनुच्छेद 111 - Page 124

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(2) कि अनुच्छेद 110 के खण्ड (3) में, ‘न सिर्फ इस आधार पर कि पूर्वोक्त

किसी प्रश्न का विनिश्चय गलत किया गया है बल्कि, शब्दों के स्थान पर

‘इस आधार पर कि पूर्वोक्त किसी प्रश्न का विनिश्चय गलत किया गया है

और उच्चतम न्यायालय की अनुमति से शब्द प्रतिस्थापित किए जाए’।

¹अनुच्छेद 110, यथासंशोधित रूप में, संविधान में जोड़ा गया।ह्

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अनुच्छेद 111

* डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः महोदय, मैं प्रस्ताव करता हूँः

फ्कि अनुच्छेद 111 के खण्ड (1) के उप-खण्ड (क) में संशोधनों की सूची में उल्लिखित संशोधन संख्या 1916 से 1919 के संदर्भ में ‘चौबीस हजार रुपए’ शब्दों के बाद ‘या वह रकम जो संसद की ओर से विधि द्वारा विनिर्दिष्ट की जाए’ अन्तःस्थापित किया जाए।य्

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डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः महोदय, मैं प्रस्ताव करता हूँः

फ्कि अनुच्छेद 111 में निम्नलिखित परन्तुक जोड़ा जाएः

फ्परंतु उच्च न्यायालयों के एक न्यायाधीश डिवीजन न्यायालय के एक न्यायाधीश या उच्च न्यायालय के दो या अधिक न्यायाधीशों या उच्च न्यायालय के दो या अधिक न्यायाधीशों द्वारा गठित डिवीजन न्यायालय द्वारा दिए गए निर्णय, डिग्री या आदेश के विरुद्ध उच्चतम न्यायालय में अपील नहीं की जा सकेगी जहाँ ये न्यायाधीश बराबर की संख्या में अलग-अलग राय रखते हों और वह उस समय उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की मौजूद कुल संख्या में बहुमत की राय नहीं हो।

* माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकर (बम्बईः जनरल)ः महोदय, मैं प्रस्ताव करता हूँः

फ्कि अनुच्छेद 111 के खण्ड 2 में, ‘उस मामले में इस संविधान के निर्वचन के बारे में विधि के किसी सारवान प्रश्न के संबंध में, जिसका विनिश्चय गलत किया गया

* ख्., सीएडी, खण्ड VIII, दिनांक 6 जून, 1949, पृ. 620

* ख्., सीएडी, खण्ड VIII, दिनांक 3 जून, 1949, पृ. 615