106 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
है’ शब्दों के स्थान पर ‘संविधान के निर्वचन के बारे में विधि के किसी सारवान प्रश्न के संबंध में, जिसका विनिश्चय गलत किया गया है’, प्रतिस्थापित किया जाए।य्
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** डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः महोदय, मैं प्रस्ताव करता हूँः
फ्कि अनुच्छेद 111 के खण्ड (1) के उप-खण्ड (क) में संशोधनों की सूची में उल्लिखित संशोधन संख्या 1916 से 1919 के संदर्भ में ‘चौबीस हजार रुपए’ शब्दों के बाद ‘या वह रकम जो संसद की ओर से विधि द्वारा विनिर्दिष्ट की जाए’ अन्तःस्थापित किया जाए।य्
# माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मैं सभा को शुरुआत में ही यह याद दिला देना चाहता हूँ कि सभा को वास्तव में किन-किन मुद्दों पर विचार करने और उन पर निर्णय लेने की जरूरत है। मुद्दा दो संशोधनों का है जो एक अर्थ में संशोधन की संख्या 1911 पर ही आधारित हैं और दूसरा मेरा स्वयं का संशोधन है जो चौथे सप्ताह की सूची संख्या में 25वें स्थान पर है। इन दो संशोधनों के माध्यम से उठाए गए मुद्दों के बारे में वास्तव में बताऊँ, उससे पहले मैं एक या दो सामान्य समुक्तियाँ करना चाहूँगा।
मेरा पहला प्रस्ताव है अनुच्छेद 111 सिविल प्रक्रिया संहिता की धाराएं 109 और 110 का हू-ब-हू निरूपण है। मैंने जो संशोधन सुझाए हैं, उन्हें छोड़ दें तो अनुच्छेद 111 और सिविल प्रक्रिया संहिता की दो धाराओं के बीच कोई अन्तर नहीं है। इसलिए सभा को यह याद रखना चाहिए कि जहां तक अनुच्छेद 111 का संबंध है, इससे उच्च न्यायालय में अपील के संबंध में विषय-वस्तु की दृष्टि से या बड़े अर्थों में कोई अन्तर नहीं आता। स्थिति बिल्कुल वही है जैसा कि सिविल प्रक्रिया संहिता की दो धाराओं में वर्णित है।
दूसरी समुक्ति में यह करना चाहूँगा। सिविल प्रक्रिया संहिता की धाराएं 109 और 110 लेटर्स पेटेन्ट के पैरा 39 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का निरूपण है जिसके माध्यम से राजा द्वारा प्रेजीडेन्सी शहरों में अलग-अलग उच्च न्यायालय गठित किए गए थे। फिर धारा 109 और 110 पैराग्राफ 39 में अन्तर्विष्ट बातों का हू-ब-हू निरूपण है।
तीसरी बात मैं यह कहना चाहता हूँ कि ये लेटर्स पेटेंट वर्ष 1862 में तैयार किए गए थे या जारी किए गए थे। इन लेटर्स पेटेंट में भी विधानमंडल के लिए लेटर्स पेटेंट के माध्यम से दी गई शक्तियों को बदलने की शक्ति अन्तर्निहित है। लेकिन वर्ष 1865 में जारी किए गए लेटर्स पेटेंट के बाद से ही यह शक्ति विद्यमान थी, फिर भी केन्द्रीय
* * ख्., सीएडी, खण्ड VIII, दिनांक 6 जून, 1949, पृ. 640
# ख्., सीएडी, खण्ड VIII, दिनांक 6 जून, 1949, पृ. 632