अनुच्छेद 192 - Page 133

114 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

‘‘कि अनुच्छेद 191 के खण्ड (1) के उप-खण्ड (क) में ‘पूर्वी पंजाब के उच्च न्यायालय और अवध में चीफ कोर्ट’ शब्दों के स्थान पर ‘पूर्वी पंजाब, असम और उड़ीसा के उच्च न्यानयालय’ शब्द प्रतिस्थापित किये जाएँ।’’

महोदय, मैं प्रस्ताव करता हूँ।

‘‘कि संशोधनों की सूची के संशोधन संख्या 2567 और 2570 के संदर्भ में, अनुच्छेद 191 के स्थान पर निम्नलिखित अनुच्छेद प्रतिस्थापित किया जाएः

191 (1) प्रत्येक राज्य के लिए एक उच्च न्यायालय होगा।

(2) इस संविधान के प्रयोजनार्थ, इस संविधान के लागू होने से तत्काल पूर्व

किसी प्रांत में विद्यमान उच्च न्यायालय को उस राज्य के लिए उच्च

न्यायालय माना जाएगा।

(3) इस अध्याय के सभी उपबंध इस अनुच्छेद में उल्लिखित प्रत्येक उच्च

न्यायालय पर लागू होंगे।

श्री टी.टी. कृष्णमाचारीः हम पहले इस संशोधन पर चर्चा कर लें क्योंकि सभा यदि इस संशोधन को स्वीकार कर लेती है तो सभी अन्य संशोधन अनावश्यक हो जायेंगे। यह संशोधन इस अनुच्छेद की सम्पूर्ण आकृति को बदल देता है, वही वह इसे सरलीकृत भी कर देता है।

माननीय सभापतिः इसलिए, डॉ. अम्बेडकर द्वारा प्रस्तुत संशोधन को छोड़कर कोई और संशोधन नहीं है। क्या इस संशोधन या अनुच्छेद के बारे में कोई कुछ कहना चाहता है।

[ (संशोधन संख्या 2568 से 2577 प्रस्तुत नहीं किए गए।) ]

माननीय सभापतिः अतः डॉ. अम्बेडकर द्वारा प्रस्तुत संशोधन के अलावा कोई संशोधन नहीं है। क्या कोई संशोधन अथवा अनुच्छेद के बारे में कुछ कहना चाहता है?

संशोधन स्वीकृत हुआ।

[ (अनुच्छेद 191, यथासंशोधित रूप में, संविधान में जोड़ा गया।) ]

* * * * *

अनुच्छेद 192

(संशोधन सं. 2578 से 2580 प्रस्तुत नहीं किए गए।)

* माननीय सभापतिः संशोधन सं. 2561 डॉ. अम्बेडकर के नाम है। इसे औपचारिक

* ख्., सीएडी, खण्ड VIII, दिनांक 6 जून, 1949, पृ. 656