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रूप से प्रस्तावित किया जाए।
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः महोदय, मैं औपचारिक तौर पर प्रस्ताव करता हूँ।
‘‘कि अनुच्छेद 192 के परंतुक में ‘किसी के साथ’ प्रारंभ होने वाले शब्दों तथा इस अध्याय के साथ समाप्त होने वाले शब्दों का लोप किया जाए और ‘छह’ शब्द के बाद ‘समय-समय पर’ शब्द अन्तःस्थापित किए जाएँ।’’
उच्च न्यायालयों का अभिलेख
महोदय मैं प्रस्ताव करता हूँः
‘‘संशोधनों की सूची के संशोधन संख्या 2581 के संदर्भ में अनुच्छेद 192 के स्थान पर निम्नलिखित नये अनुच्छेद अन्तःस्थापित किए जाएंः
192 प्रत्येक उच्च न्यायालय अभिलेख न्यायालय होगा और उसको
उच्च न्यायालयों 192 प्रत्येक उच्च न्यायालय अभिलेख न्यायालय होगा और उसको का गठन अपने अवमान के लिए दंड देने की शक्ति सहित ऐसे न्यायालय
की सभी शक्तियां होंगी।
192-क प्रत्येक उच्च न्यायालय मुख्य न्यायमूर्ति और ऐसे अन्य न्यायाधीशों से मिलकर बनेगा जिन्हें राष्ट्रपति समय-समय पर नियुक्त करना आवश्यक समझे।
परंतु ऐसे नियुक्त किए गए न्यायाधीशों की संख्या किसी भी समय राष्ट्रपति द्वारा उस न्यायालय के संबंध में नियम की गई अधिकतम संख्या से अधिक नहीं होगी।
* * * * *
अनुच्छेद 193
# माननीय सभापतिः हम लोग कल अनुच्छेद 193 पर चर्चा कर रहे थे। अब हम लोग उसी अनुच्छेद पर विचार करेंगे। एक संशोधन प्रस्तुत किया जा चुका है लेकिन बहुत सारे अन्य संशोधन हैं। एक दूसरा संशोधन संख्या 2592 डॉ. अम्बेडकर के नाम पर है, जोकि मैं समझता हूँ कि उम्र के प्रश्न को छोड़कर इन सभी संशोधनों को कवर कर लेगा। अतः मैं समझता हूँ कि यदि डॉ. अम्बेडकर पहले अपना संशोधन प्रस्तुत कर दें तो संभवतः उम्र से संबंधित मामले को छोड़कर अन्य सभी संशोधनों को प्रस्तुत करना जरूरी नहीं होगा। जहां तक उम्र का संबंध है। हम उस प्रश्न पर अलग से विचार कर सकते हैं।
* ख्., वही, पृष्ठ 657