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अनुच्छेद 196-क

[ (संशोधन संख्या 2639 प्रस्तुत नहीं किया गया) ]

माननीय सभापतिः एक समरूप संशोधन संख्या 1870 प्रस्तुत किया जा चुका है और उस पर विस्तृत चर्चा हो चुकी है।

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मेरा सुझाव है कि अनुच्छेद 196-क को स्थगित रखा जाये। एक समरूप अनुच्छेद (सं. 103-क) स्थगित रख गया।

माननीय सभापतिः मैं सहमत हूँ। फिर यह अनुच्छेद बना रहेगा।

अनुच्छेद 197

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः अनुच्छेद 197 को भी स्थगित रखा जाए।

माननीय सभापतिः मेरी सहमति है। यह अनुच्छेद भी स्थगित रखा जाता है।

अनुच्छेद 198

# माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः महोदय, मैं प्रस्ताव करता हूँः

‘‘कि अनुच्छेद 198 के स्थान पर निम्नलिखित अनुच्छेद प्रतिस्थापित किया जाएः 198 जब किसी उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायमूर्ति का पद रिक्त है या जब ऐसा मुख्य न्यायमूर्ति अनुपस्थिति के कारण या अन्यथा अपने पद के कर्तव्यों का पालन करने में

असमर्थ है तब न्यायालय के अन्य न्यायाधीशों में से कार्यकारी मुख्य न्यायमूर्ति की एक ऐसा न्यायाधीश, जिसे राष्ट्रपति इस प्रयोजन के अस्थाई नियुक्ति लिए नियुक्त करे, उस पद के कर्तव्यों का पालन

करेगा।

श्री टी.टी. कृष्णमाचारीः महोदय, डॉ. अम्बेडकर द्वारा प्रस्तुत संशोधन से 2650 कवर हो जाता है क्योंकि यह खण्ड (2) से संबंधित है।

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अनुच्छेद 200

डॉ. अम्बेडकर का संशोधन विषय-वस्तु की दृष्टि से बिल्कुल समान है, यह खण्ड (2) का लोप करता है और केवल खण्ड (1) को बनाये रखता है।

# ख्., सीएडी, खण्ड VIII, दिनांक 7 जून, 1949, पृ. 685